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बर्ड फ्लू की आशंका से घटी मुर्गों की बिक्री

Wed, 26 Oct 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
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डाक्टरों ने फिलहाल चिकन से परहेज की सलाह दी है। इसका असर होटलों पर दिखाई पड़ रहा है। नानवेज के होटलों में ग्राहक कम हैं। जबकि शुद्ध शाकाहारी होटलों पर भीड़ लगी हुई है। मुर्गों की मंडी में बिक्री प्रभावित हो गई  है। मुर्गों में बर्ड फ्लू का प्रकोप फैल रहा है।
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डाक्टर लोगों को चिकन खाने से मना कर रहे हैं। डाक्टरों की सलाह और बर्ड फ्लू के अंदेशे में मुर्गों के शौकीन भी दाल रोटी खा रहे हैं। मुर्गों के थोक विक्रेता दानिश का कहना हैं कि पिछले पांच दिनों से बाजार में बर्ड फ्लू का असर कारोबार पर दिखने लगा है। पांच दिन पहले एक दिन में 25 क्विंटल मुर्गों की बिक्री होती थी। मगर बर्ड फ्लू की आशंका से मांग में गिरावट हो गई है। इस समय मात्र एक दिन में 7 सात क्विंटल मुर्गों बिक्री  रह गई है। उन्होंने बताया कि वह हरियाणा व पंजाब से मुर्गों को लाते थे।

संभल आसपास में इनकी खपत होती है। वहीं होटल संचालक तालिब ने बताया कि संभल में अभी तक बर्ड फ्लू का कोई केस सामने नहीं आया है लेकिन बर्ड फ्लू की आशंका में हैं। कुछ लोग चिकन खाने से परहेज कर रहे हैं। 
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इस संबंध में डॉ. प्रवेंद्र सिंह ने बताया कि संभल में अभी तक बर्ड फ्लू की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसके बाद भी मरीजों को चिकन से परहेज की सलाह दी गई है।

संभल। बर्ड फ्लू को देखते हुए पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आ गया है। संभल में बर्ड फ्लू होने की पुष्टि करने के लिए रजपुरा व जुनावई से दो मुर्गों को जांच के लिए भेजा जाएगा। पशु चिकित्सा अधिकारी डा. देवेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल संभल में बर्ड फ्लू का कोई केस सामने नहीं आया है। दो मुर्गों को जांच के लिए भेजा जा रहा है। ताकि बर्ड फ्लू के बारे में स्थिति स्पष्ट हो सके।

होटल-ढाबों पर जाने से ग्राहक भी कर रहे किनारा
चंदौसी।  बर्ड फ्लू ने मुरादाबाद मंडल में भी दस्तक देने के बाद चिकन के शौकीन भी खौफजदा हैं। इसका सीधा असर होटलों, ढाबों व पोल्ट्री फार्मस के कारोबार पर पड़ रहा है। 
देश में बर्ड फ्लू की आहट से चिकन खाने वालों में निराशा छा गई है। चूंकि बर्ड फ्लू मुर्गे और मुर्गियों से की फैलता है। मुरादाबाद में भी बर्ड फ्लू की दस्तक सुनी जा रही है, जिससे मुर्गा कारोबारियों में भी दहशत का माहौल है, कारोबार पर इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है।

हालांकि साफ सफाई आदि की खास व्यवस्थाएं करके बर्ड फ्लू की चपेट में आने से मुर्गियों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। क्योंकि एक मुर्गी के चपेट में आते ही एक साथ कई मर्गे मुर्गियों की मौत हो जाती है। बीमारी चिकन खाने वालों में भी फैल सकती है। इसी खौफ के कारण चलते चिकन कारोबार पर मंदी के बादल छाने लगे है। मुर्गे की मांग में पहले से कमी आई है। होटलों पर चिकन के शौकीन कम ही पहुंच रहे हैं। पहले जहां 20 कुंतल एक फार्म से मुर्गा सप्लाई होता था। अब दस क्विंटल ही मुश्किल से सप्लाई हो रहा है। 


असलम ठेकेदार ने बताया कि  बर्ड फ्लू की भनक से कारोबार में कम हो रहा है। कारोबार पहले से आधा रह गया है। वहीं, लईक अहमद ने बताया जैसे-जैसे लोगों को इसकी जानकारी हो रही है। मुर्गे की मांग कम होती जा रही है। मांग में करीब तीस फीसदी की कमी आ गई है। होटल संचालक बब्लू का कहना है कि बर्ड फ्लू का खौफ तो है ही, होटल पर ग्राहक पहले से कुछ कम आ रहे है, अभी लोगों को इसकी जानकारी नहीं है। नुकसान न हो जाए इसीलिए कम चिकन तैयार करते हैं। 
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