चंदौसी (संभल)। सीएचसी की लैब में लगी बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन तीन माह से खराब पड़ी है। जिससे एलएफटी, केएफटी और ईएसआर की जांच नहीं हो रही है। जिसके चलते मरीजों को पैसा खर्च कर निजी लैबों पर जांच कराना पड़ रहा है।
चंदौसी सीएचसी रोजाना 50 से ज्यादा किडनी, लीवर, यूरिया, यूरिक एसिड, प्रोटीन समेत करीब 15 प्रकार की जांचें की जाती हैं। करीब तीन महीने पहले मशीन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। इससे होने वाली जांचें बंद हो गईं। अब रोजाना मरीजों को मशीन खराब होने की बात कहकर लौटाया जा रहा है। मजबूरी में लोग प्राइवेट लैब में जांच कराने पहुंच रहे हैं। उन्हें यहां अतिरिक्त पैसा भी खर्च करना पड़ रहा है। लैब टेक्नीशियन संजय मौर्य ने बताया कि लैब में एलएफटी, केएफटी और ईएसआर की जांच के लिए रोजाना 50 से अधिक मरीज आते हैं। नौ जुलाई से मशीन खराब पड़ी है। अधिकारियों को भी अवगत करा दिया है। आश्चार्य की बात है कि तीन महीने बाद भी मशीन को सही नहीं कराया गया।
ये होती हैं जांच
बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन से एलएफटी (लिवर संबंधी कई जांचें), आरएफटी (किडनी), टोटल लिपिड प्रोफाइल (कॉलेस्ट्रोल), सीआरपी (बच्चों के इंफेक्शन की जांच), फास्टिंग व पीपी- (डायबिटीज की जांच) आदि कई तरह की जांचें होती हैं।
प्राइवेट लैब पर 600 रुपये में होतीहहैं जांच
जांच शुल्क
केएफटी 500-600
एलएफटी 450-500
ईएसआर 50-100
-
वर्जन
मशीन तकनीकी खराबी की वजह से बंद पड़ी है। इंजीनियर को बता दिया है। शीघ्र ही मशीन को सही कराकर जांचें शुरू हो जाएंगी। -डॉ. हरवेंद्र सिंह, चिकित्सा अधीक्षक, चंदौसी