धरने के पहले दिन किसानों ने केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। धरने स्थल पर पहुंचे अवर अभियंता को घेरकर अपने बीच ही बैठा लिया। समस्याओं के समाधान पर उन्हें छोड़ा।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खिरनी बिजलीघर पर भाकियू अराजनैतिक असली के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया। धरने में यूनियन के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह यादव ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की सरकारों किसानों की वास्तविक समस्याओं के समाधान के बजाए ध्यान भटकाने वाले मुद्दों को उछाल रहीं हैं। क्षेत्र के किसानों को कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली सप्लाई नहीं दी जा रही है। जर्जर हाइटेंशन लाइनों की बजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।
साथ ही ठेकेदारों के द्वारा संविदा बिजली कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने खिरनी व कैलादेवी बिजली घरों को चंदौसी के स्थान पर संभल से जोड़ने की मांग की। यूनियन के प्रदेश सचिव आशिक रजा व ऋषिपाल सिंह यादव ने किसानों के मुददे उठाए। इस दौरान पहुंचे अवर अभियन्ता को किसानों ने धरना स्थल पर ही घेर लिया। समस्याओं के समाधान पर उन्हें छोड़ा गया। धरने में वरिष्ट जिला उपाध्यक्ष जयवीर सिंह,जगपालसिंह,हरिओम, वीर सिंह,सत्तार अली, हाफिज प्रधान,ताहिर,वारिश,प्रदीप सिंह,भूरे सिंह आदि मौजूद रहे।
बिजली के पोल लगाए जाने की मांग
चंदौसी। वीरसावरकर मोहल्लेवासियों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पोल लगवाने की मांग की है। मोहल्लेवासियों का कहना है कि बिजली के खंभे नहीं लगे होने के कारण आपूर्ति के लिए उन्हें लंबी दूरी से केबिल डालना पड़ रहा है। विजयपाल सिंह यादव, पवन यादव, गौरव शर्मा, संजय सैनी, नन्हे यादव, रामबाबू शर्मा, सीमा चंद्रवाल, प्रमोद कुमार, हिमांशु यादव, विकास यादव, माया यादव, विशाल यादव, राजवीर, विपिन गोस्वामी, किशनपाल आदि ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है।