चंदौसी (संभल)। भाकियू असली ने बुधवार को तहसील परिसर में अनिश्चित कालीन धरना देकर तहसीलदार पर गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही भाकियू असली ने एसडीएम निधि पटेल को ज्ञापन सौंपकर चकबंदी न्यायालयों में लंबित अंक निर्धारण और वादों के शीघ्र निस्तारण की मांग की। देर शाम एसडीएम के आश्वासन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने धरने को खत्म किया।
भाकियू असली के पदाधिकारियों ने बताया कि तहसील में तैनात तहसीलदार पूर्व में चकबंदी विभाग में चकबंदी अधिकारी के पद पर जिले में तैनात थे, जो मौजूदा समय में किसानों का आर्थिक उत्पीड़न कर रहे हैं। उन्होंने तहसीलदार के पद पर नियुक्त होने के बाद तहसील में भ्रष्टाचार को बढ़ा दिया है। जिसके चलते किसानों का उत्पीड़न हो रहा है। आरोप लगाया कि तहसील के राजस्व न्यायालयों में किसानों को न्याय नहीं मिल रहा है। आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतों को दर्ज कराने के बाद भी कोई कार्रवाई निष्पक्ष रूप से नहीं हो रही, राजस्व कर्मी अपने मनमाने ढंग से शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं।
पदाधिकारियों ने चकबंदी न्यायालयों में लंबित अंक निर्धारण व नाम दुरुस्ती के वादों का शीघ्र समाधान, राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण के लिए समय सीमा निर्धारित कर निस्तारण किए जाने की मांग की। इस दौरान आशिक रजा, प्रेम सिंह, केदारी सिंह, सचिन यादव, बाबूराम प्रजापति, चौधरी शिव सिंह, चौधरी धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।