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Sambhal News: भाकियू ने मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर किया कब्जा

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संभल के बहजोई में हाईवे की दोनों लेन पर किसानों की भीड़ से लगा जाम। संवाद
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बहजोई(संभल)। बिजली आपूर्ति व खाद की उपलब्धता समेत किसानों की तमाम मांगों के समर्थन में भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारी व कार्यकर्ता कलक्ट्रेट पर गरजे। इस बीच करीब डेढ़ तक कलक्ट्रेट के बाहर मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर किसानों का कब्जा रहा। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गईं। इसके अलावा करीब साढ़े तीन घंटे तक पदाधिकारियों व किसानों ने प्रदर्शन कर नारेबाजी की। वहीं, अनाज मंडी समिति से लेकर कलक्ट्रेट तक ट्रैक्टर व पैदल मार्च किया गया। बाद में करीब घंटे भर से अधिक डीएम के साथ हुई वार्ता में पदाधिकारियों ने किसानों से जुड़ीं समस्याएं रखीं। आश्वासन मिलने पर शांत हुए।
सोमवार को दोपहर करीब डेढ़ बजे भाकियू अ के जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में पदाधिकारी व किसान अनाज मंडी समिति से मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर पैदल मार्च करते हुए कलक्ट्रेट की ओर रवाना हुए। डीजे व ट्रैक्टरों समेत अन्य चार पहिया वाहनों को साथ लेकर नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट की ओर से बढ़ रहे थे। इसके बाद करीब दो बजे किसान कलक्ट्रेट पर सीडीओ कार्यालय के मुख्य द्वार पर पहुंच गए और कलक्ट्रेट में प्रवेश करने के लिए आगे बढ़े तो मौके पर मौजूद पुलिस व पीएसी बल के जवानों ने उनको मुख्य द्वार पर ही रोक दिया।
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काफी जददोजहद के बावजूद कलक्ट्रेट में प्रवेश न मिलने पर पदाधिकारी व किसान कलक्ट्रेट के बाहर हाईवे की दोनों लेन पर जमीन पर बैठ गए। इससे दोनों लेन पर यातायात बाधित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गईं। करीब घंटे भर तक सड़क पर हुई पंचायत के बाद सीओ आलोक कुमार सिद्ध व डिप्टी कलक्टर ने मौके पर पहुंचकर पदाधिकारियों व किसानों को समझाकर हाईवे खाली करने को कहा, लेकिन पदाधिकारी नहीं मानें। बाद में एलआईयू की मध्यस्थता के बाद एडीएम प्रदीप वर्मा हाईवे पर पहुंचे और पदाधिकारियों के साथ जमीन पर बैठ गए।
एडीएम के समझाने के बाद पदाधिकारी माने और दोपहर करीब साढ़े तीन बजे पदाधिकारी व किसान हाईवे की दूसरी लेन से हट गए। इससे इस लेन पर यातायात सुचारू हो गया। वहीं, हाईवे की पहली लेन पर भाकियू पदाधिकारी व किसान बैठे रहे। इस लेन पर ही पदाधिकारियों व किसानों के ट्रैक्टर व चार पहिया वाहन खड़े थे।
वहीं, भाकियू प्रतिनिधिमंडल में शामिल पदाधिकारियों की करीब घंटे भर से अधिक हुई वार्ता में डीएम से मिले आश्वासन के बाद शाम करीब साढ़े पांच बजे हाईवे पर से किसानों ने धरना हटा लिया और हाईवे पर यातायात पूरी से सुचारू हो गया। इस बीच प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश कुमार मय पुलिस व पीएसी के तैनात रहे।

यह हैं भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों की प्रमुख मांगें

-बहजोई उपकेंद्र से लोड घटाने और लो-वोल्टेज व ट्रिपिंग से राहत दिलाना।

-जिले में खाद की ओवर रेट बिक्री पर अंकुश लगाया जाए।
-जिले में धान क्रय केंद्रों की संख्या में बढ़ोतरी की जाए।
-बीते कई वर्षों से बंद पड़े मध्य गंगा नहर के निर्माण को जल्द पूरा कराया जाए।

-जिले भर की ग्राम पंचायतों में हो रहे विकास कार्यों की अनियमितताओं को दूर किया जाए।

-दुधारू पशुओं में हो रही बांझ व थनैला की बीमारी को लेकर गंभीरता दिखाई जाए।

-बिजली चोरी के नाम पर किसानों का शोषण बंद किया जाए।

- ग्रामीण अंचलों में पीलिया आदि बीमारियों की रोकथाम के लिए उपाय किए जाएं।
-गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों और प्रस्तावित सर्विस रोड जल्द बनवाया जाए।


धरना प्रदर्शन में शामिल रहे दूसरे जिलों से भी पदाधिकारी

बहजोई। भाकियू, अ के जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव ने बताया कि धरना प्रदर्शन के दौरान दूसरे जिलों से आए राष्ट्रीय, प्रदेश, मंडल व जिला स्तर के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे। उन्होंने बताया कि इनमें संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह रंधावा समेत राष्ट्रीय सचिव उम्मेद सिंह, मुरादाबाद के जिलाध्यक्ष सतीश काजला, रामपुर के जिलाध्यक्ष भानुप्रताप, बरेली के जिलाध्यक्ष तेजपाल गंगवार, सत्यवीर सिंह, शिशुपाल सिंह, वीरेश यादव, वीरपाल सिंह, सचिन त्यागी, इंद्रपाल सिंह, अनुज वार्ष्णेय व अशोक कुमार आदि रहे।
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एंबुलेंस व रोडवेज बसों समेत फंसे बड़े व छोटे वाहन

बहजोई। मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर कलक्ट्रेट के बाहर किसानों के धरना प्रदर्शन के कारण लेगे जाम में कई घंटे तक एंबुलेंस व रोडवेज बसों समेत बड़े व छोटे वाहन फंसे रहे।
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