डा. भीमराव अंबेडकर परिनिर्वाण दिवस के मौके पर मंगलवार को सार्वजनिक अवकाश के चलते बैंक भी बंद रहे। नगर के अधिकांश एटीएम भी बंद ही नजर आए। सुभाष रोड स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया का एटीएम खुला तो ठिठुरती ठंड में लंबी कतारें लग गईं। घंटों मशक्कत के बाद लोगों को फौरी तौर पर कुछ नकदी मिल सकी। अधिकांश लोग घंटों कतारों में लग कर बिना नकदी मिले ही वापस अपने घरों को लौट गए। दिन भर नकदी के लिए शहर के एटीएम के चक्कर काटते रहे। नकदी की कमी से तंग हाल लोग परेशान दिखे।
स्टेट बैंक ने शिविर लगाकर सिखाई कैशलेस बैंकिंग
चंदौसी। भारतीय स्टेट बैंक के तत्वावधान में मंगलवार को सुभाष रोड पर शिविर का आयोजन हुआ। शिविर में कैशलेस बैकिंग की जानकारी दी गई। प्रधान मंत्री की कैशलैस बैकिंग योजना को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय व्यवसाय कार्यालय संभल की पहल पर शिविर लगाया गया। बैंक अधिकारियों ने बैंक एप्प बडी के माध्यम से जरुरी भुगतान की प्रक्रिया को समझाया। जिन लोगों के खाते नहीं थे उन्हें भी स्टेट बैंक बडी से बैंकिंग करने के गुर सिखाएं।
संभल शाखा के मुख्य प्रबंधक नरेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि आने वाला समय कैशलेस बैंकिग प्रणाली का होगा। इसी लिए सभी को इसे सीखने व समझने की जरुरत है। शिविर में चंदौसी शाखा के मुख्य प्रबंधक अंकुश गुप्ता, दिवाकर सिंह, संतोष सिंह, केके तोमर, सुरेश कुमार, तूलिका बरनवाल, ज्ञानेश रहे।
एमडीएम के संचालन में करेंसी बनी दिक्कत
संभल। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षक अपने व्यवहार से उधार में सामान खरीद कर मिड डे मील का संचालन कर रहे हैं लेकिन लंबे समय तक करेंसी की किल्लत रही तो योजना के संचालन में मुश्किलें बढ़ेंगी। शिक्षक संघ ने भी इस बात को एसडीएम के सामने उठाया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष मोहम्मद उमर ने बताया कि मिड-डे-मील योजना का ज्वाइंट एकाउंट इंचार्ज अध्यापक और ग्राम प्रधान के नाम होता है।
बैंकों में लंबी कतार लग लग रही है और उस पर भी भुगतान निकल पाने की स्थिति नहीं है। जिला स्तर से मिड डे मील के जिला समन्वयक दीनदयाल शर्मा ने बताया कि नोटबंदी के चलते शिक्षक और ग्राम प्रधान परेशान तो हैं लेकिन अभी तक कहीं भी योजना का संचालन बाधित नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जिले में 2,35,512 बच्चे मिड डे मील के लिए पात्रता रखते हैं जिसमें एक दिन में 1,30,000 बच्चे औसतन आ रहे हैं। इन्हें नोटबंदी के बाद भी मिड डे मील का भोजन दिया जा रहा है।