परिजनों का आरोप है कि दोनों की मौत इलाज के अभाव में हुई है। बैंक से धनराशि नहीं मिलने के कारण दोनों को उचित इलाज नहीं मिल सका।
थाना बनियाठेर क्षेत्र के गांव बेहटा साहू निवासी उर्मिला पत्नी लाखन पिछले एक सप्ताह से बीमार थीं। पति लाखन पत्नी का इलाज करा रहे थे। हालत बिगड़ी तो शुक्रवार को दोपहर चंदौसी के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए लेकर गए। अस्पताल में पांच सौ हजार रुपये के नोट लेने से मना कर दिया।
जिससे मायूस होकर लाखन अपनी पत्नी को लेकर घर के लिए वापस चलने लगे। इसी दौरान पत्नी ने दम तोड़ दिया। पत्नी की मौत के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। पत्नी की मौत के बाद लाखन पर पांच बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी गहरा गई है। उधर गांव के ही खेमपाल पुत्र प्यारेलाल की लंबी बीमारी के बाद शुक्रवार को देर रात करीब तीन बजे मौत हो गई। पत्नी लज्जावती ने बताया कि पति लंबे समय से बीमार थे। बैंक से रुपये निकालने के लिए काफी प्रयास किए लेकिन भारी भीड़ के चलते धनराशि नहीं मिल सकी। इलाज के अभाव में खेमपाल ने दम तोड़ दिया।