कालेधन के खिलाफ सरकार और संबंधित विभाग सतर्क हैं। छापे मारकर अवैध रकम खंगाली जा रही है। अब तक जिसके पास रकम मिली है उसी पर सीधे कार्रवाई हो रही है। लेकिन अब बैंक भी इससे बच नहीं सकेंगे। अवैध रकम मिलने पर बैंक भी जिम्मेदार होंगे। किस बैंक की सीरीज के नोट हैं उसे ट्रेस किया जाएगा।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक नई गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत जिस बैंक के नाम जो करेंसी आवंटित होगी। उसकी सीरीज का डिटेल रिजर्व बैंक के पास होगा। बैंक अपनी जिस शाखा को जो नोट देगी। उनकी सीरीज का डिटेल अपने पास निर्धारित फार्मेट पर रखेगी।
अगर कहीं कोई नोट पकड़ा गया तो तत्काल यह पता लग जाएगा कि यह नोट किस बैंक से जारी हुआ था। किस बैंक के चेस्ट के लिए रिजर्व बैंक ने इस सीरिज को जारी किया था। इसके बाद उन लोगों तक कानून की पहुंच हो जाएगी जिन्होंने कुछ नए नोट देने में कोई हेराफेरी की है। बैंकों के रिकार्ड से अब साक्ष्य बनेंगे तथा कार्रवाई भी होगी।
आरबीआई ने गाइडलाइन सभी बैंकों को भेज दी है। इस गाइडलाइन को लेकर बैंकर्स का कहना है कि नोटबंदी के बाद कुछ बैंकर्स पर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में आरबीआई ने गाइडलाइन जारी करके उन सभी बैंकर्स को राहत दी है जो किसी तरह गड़बड़ी में शामिल नहीं हैं। अब सिर्फ वही आइडेंटीफाई होंगे जिन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी की है। एलडीएम ने गाइडलाइन मिलने की पुष्टि की है।