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बैंक में फंसा गन्ना किसानों का 35 करोड़ का पेमेंट

Tue, 06 Dec 2016 01:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
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राज्य सरकार ने ऑनलाइन बिल भुगतान की नई व्यवस्था की है।
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भुगतान किसानों के बैंक खातों तक पहुंच गया लेकिन करेंसी की किल्लत के चलते किसान अपने ही रुपये को बैंक नहीं निकाल पा रहा हैं। जबकि उन्हें खाद बीज से लेकर तमाम जरूरतों के लिए रुपये चाहिए।
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विभिन्न बैंक शाखाओं ने गन्ना किसानों के 35 करोड़ रुपये से अधिक बैंकों में फंस गए हैं। यह वे रुपये हैं जो असमोली चीनी मिल ने गन्ना किसानों के  खाते में चालू पेराई सत्र की गन्ना बिक्री के बदले भेजे हैं। बैंकों में कैश न होने की वजह से दिन भर कतार में लगने के बाद किसान कैश न मिलने पर मायूस होकर लौट आ रहे हैं। घर में जरूरत है। कहीं शादी तो कहीं बीमारी के लिए पैसा चाहिए। लेकिन बैंक से नहीं मिल रहा है। जैसे-तैसे उधार लेकर काम चलाया जा रहा है। 
बैंकों में कैश का पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। गेहूं बुआई का अंतिम सप्ताह चल रहा है। अगर पैसे का उचित इंतजाम नहीं हुआ तो करीब 15 प्रतिशत किसान गेहूं की बुआई से रह जाएंगे।
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विशम्भर सिंह, तहसील अध्यक्ष भाकियू।
मिल ने समयानुसार गन्ने का भुगतान कर दिया, लेकिन उसका कोई फायदा नहीं है। बैंक में पर्याप्त कैश नहीं है। सिर्फ दो हजार रुपये का ही भुगतान हो रहा है। इससे खेती का कार्य भी प्रभावित हो रहा है। 
अजय शर्मा, सैमरी, निवासी किसान।

रजपुरा मिल ने 9.36 करोड़ का भुगतान किया
रजपुरा/गवां। डीएसएम शुगर मिल रजपुरा ने 4 दिसंबर तक 12 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर दी है। मिल ने 22 नवंबर तक गन्ने का 9.36 करोड़ रुपये भुगतान कर दिया। मिल के वरिष्ठ महाप्रबंधक एमआर खान ने बताया कि 16 नवंबर से पेराई सत्र प्रारम्भ हुआ। मिल ने 22 नवंबर तक 9.36 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा है। 30 नवंबर को 9.36 करोड़ रुपये की एडवाइज जारी की गई। बैंक ने 1 दिसंबर को धनराशि क्रेडिट किसानों के खाते में क्रेडिट कर दी। दिनभर कतार में लगे, नहीं मिली नकदी, हंगामा चंदौसी (ब्यूरो)। नकदी के लिए मुंसिफ रोड स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में सोमवार को कतार में लगे लोगों को नकदी नहीं मिली तो माहौल गर्मा गया। सुबह से कतार में लगे लोगों की बारी आई तो कैशियर क्लीयरिंग के लिए स्टेट बैंक चले गए। 
    कैशियर नहीं होने के कारण वितरण बंद हो गया। कतारों में लगे लोग नकदी वितरण बंद होने के बाद हंगामा करने लगे। जरूरी काम छोड़कर सुबह से कतार में खड़े होने की दुहाई दी। प्रबंधक ने जब असमर्थता जाहिर की तो लोगों में आक्रोश भड़क गया। जमकर हंगामा हुआ। प्रबंधक और कतार में लगे लोगों में जमकर नोकझोंक हुई। अजय कुमार, प्रिंस कुमार, राजा प्रजापति, राजू पाल, वसीम कुरैशी, श्रीपाल, सुधीरकांत भारती, चुन्नी लाल राणा, मुन्ना लाल मौजूद रहे। आईओबी के प्रबंधक एके राजा ने बताया कि कैशियर चार बजे स्टेट बैंक में क्लीयरिंग के लिए चले गए। इसके बाद कतार में लगे लोगों को नकदी नहीं दी जा सकी। नकदी नहीं मिलने पर कतार में लगे लोग शोर शराबा करने लगे। समझा बुझाकर शांत कर दिया गया है। 
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