तुर्क बिरादरी ने कुरीतियों पर एक और प्रहार किया है। हाजीपुर गांव में हुई पंचायत में अब गुस्से में तीन तलाक पर पाबंदी लगा दी गई है। जिम्मेदारों ने, आपसी झगड़े या किसी बात को लेकर गुस्से में एक बार में तीन तलाक से लोगों को परहेज करने की सलाह दी।
पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि अगर किसी बात को लेकर गुस्सा है तो उस मसले को पंचायत में उठाएं। पंचायत समाधान निकालेगी। गुस्से में अगर तलाक दिया गया तो इस मसले पर सीधे लड़के को जिम्मेदार माना जाएगा। पंचायत लड़की का पक्ष लेगी, लड़की के पक्ष की वकालत होगी।इससे पहले फिजूलखर्ची रोकने, नेग-दहेज पर भी बिरादरी ने पाबंदी लगा दी थी।
तुर्क समाज की पंचायत में आरिफ प्रधान ने तीन तलाक का मसला उठाया। उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि घरेलू झगड़े में एक बार में तीन तलाक न दें, अपनी शिकायत या समस्या को सबसे पहले पंचायत में रखें।
कभी स्थिति बिगड़ती है तो एक बार तलाक कह सकते हैं। बाद में एक महीने का समय दें। अगर कोई व्यक्ति गुस्से में आकर अपनी बीबी की तलाक देता है तो पूरी गलती उसी व्यक्ति की मानी जानी चाहिए।
पंचायत के पास उसे दंडित करने का हक हो। इस प्रस्ताव का पंचायत में शामिल लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। बैठक में पंचायत के चेयरमैन शाहिद हुसैन ने भी कहा कि लड़के आपसी घरेलू झगड़ों में एक बार में तीन तलाक न दें।
पहले अपनी शिकायत पंचायत में रखे क्योंकि गुस्से में दिया गया तलाक परिवार को तोड़ देता है। घरेलू झगड़े और किसी बात पर गुस्सा होकर एक बार में तीन तलाक देना वाजिब नहीं है। इस दौरान बेटियों को पढ़ाने और आगे बढ़ाने की भी वकालत की गई।
वहीं तुर्क बिरादरी की पंचायत में पुराने फैसलों की समीक्षा की गई। पंचायत में रफतुलल्ला उर्फ नेता छिद्दा, डा. जावेद, असतुल्ला प्रधान, बदर, मोहम्मद तारिक पाशा, ताहिर, हनीफ प्रधान, बाबू, इमरान तुर्की, सलीम प्रधान, मुशाहिद हुसैन, मौलाना तालिब हुसैन, मौलाना तौसीफ, अशफाक, अक्कन, मोहम्मद अली, आबिद हुसैन आदि ने भाग लिया। अध्यक्षता असरार अहमद ने की। मुख्य अतिति लियाकत चेयरमैन थे।