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विद्युत विभाग के ग्रामीण डिविजन में 40 करोड़ रुपये फंसे, वसूली का स्तर कम 18-12-55

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संभल। तहसील के ग्रामीण डिविजन पर बिजली विभाग का करोड़ों रुपये फंसा हुआ है। विभाग इस बकाए को निकालने में असमर्थ नजर आ रहा है। कई बार चेकिंग अभियान चलाए गए। लेकिन बकाए की वसूली नहीं हो सकी। सरकार ने आसान किस्त योजना का शुभारंभ किया है। लेकिन यह योजना भी बेअसर है। योजना लागू होने के महीने भर बाद भी बकाएदारों से उम्मीद के मुताबिक रजिस्ट्रेशन नहीं हो सके।
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संभल तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में बिजली विभाग का 16 हजार से ज्यादा बकाएदारों पर 40 करोड़ रुपया फंसा हुआ है। इन बकाएदारों में पांच हजार रुपये से लेकर दो लाख रुपये तक के बकाएदार शामिल हैं। जबकि सरकार ने एक किलोवाट से चार किलोवाट तक के कनेक्शन धारकों के लिए आसान किस्त योजना चला रखी है। इस योजना के अंतर्गत मात्र साढ़े चार हजार बकाएदारों ने रजिस्ट्रेशन अब तक कराया है। जबकि बकाएदार उपभोक्ताओं की संख्या इससे चार गुना है। बकाएदारों में सबसे ज्यादा संख्या एक किलोवाट से चार किलोवाट तक के उपभोक्ताओं की है।
इतने बकाया वसूली के लिए विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को मुश्किल का सामान करना पड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार कुछ घरेलू बकाएदार बीस वर्ष से भी ज्यादा पुराने हैं। लेकिन वह बिल नहीं चुका पा रहे हैं। जबकि आसान किस्त योजना में बकाएदारों को भुगतान करने में काफी सहूलियत दी जा रही है। प्रदेश सरकार ने बिजली विभाग के बकाया वसूली के लिए 11 नवंबर को आसान किस्त योजना का शुभारंभ किया।
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इसकी अंतिम तिथि 31 दिसंबर तक थी। लेकिन योजना की तिथि अब 31 जनवरी तक कर दी गई है। इसकी वजह यह भी है कि इस योजना में अब तक रजिस्ट्रेशन उम्मीद से कम हुए हैं। इस योजना में सरचार्ज माफी भी शामिल है। लेकिन योजना का असर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी इस योजना को बकाएदारों के लिए अच्छा अवसर बता रहे हैं।
स्टाफ की कमी भी बड़ी समस्या
संभल। तहसील के ग्रामीण डिविजन पर स्टाफ की बेहद कमी है। 20 उपकेंद्रों पर मात्र सात अवर अभियंताओं की तैनाती है। ऐसे में तीन से चार अवर अभियंता ऐसे हैं जिन्हें चार-चार उपकेंद्रों की जिम्मेदारी दे रखी है। क्षेत्र बड़ा होने के कारण पूूरी तरह बकाया वसूली के लिए अभियान नहीं चल पाता। जागरूक भी नहीं कर पाते। अब एक गांव में एक ही बार आसान किस्त योजना के लिए कैंप लग पाता है। जिस कारण रजिस्ट्रेशन नहीं हो पा रहे।
योजना में अक्तूबर 2019 तक के बिल में छूट का लाभ दिया जा रहा है। बिल की कुल धनराशि पर कोई ब्याज नहीं लगाया जा रहा। कुल बिल की पांच फीसदी धनराशि या 1500 रुपये जमा कर पंजीकरण कराना है। इसके बाद बकाया धनराशि की समान किस्तें बनाई जाएंगी। शहरी उपभोक्ता को 12 समान किस्तों में व ग्रामीण उपभोक्ता को 24 आसान किस्तों में बिल का भुगतान करना होगा। - मलखान सिंह, एसडीओ ग्रामीण, संभल।
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