संभल। पूर्व माध्यमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को खराब खाद्यान्न का वितरण किया गया। जो खाद्यान्न वितरण किया गया है वह फरवरी से विद्यालय में रखा था और अब वह खाद्यान्न खराब हो गया है। इसके बाद भी जिम्मेदार वितरण करते रहे। जबकि यह खाद्यान्न वितरण नहीं किया जाना था।
लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में रोष है। वहीं दूसरी ओर कोविड-19 की गाइडलाइन की खूब धज्जियां उड़ाई गई। जिम्मेदार भी मूकदर्शक बने तमाशबीन बने रहे। पवांसा के धुरैटा में स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय और उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को शनिवार को खाद्यान्न वितरण किया गया। वितरण के दौरान बच्चों की खूब भीड़ रही।
सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। विद्यालय में मौजूद अध्यापक और अध्यापकों के भी चेहरे पर भी मास्क नहीं थे। अहम बात यह रही कि बच्चों को घटिया सामग्री का वितरण किया गया। सवाल यह है कि ऐसे खाद्यान को बच्चे कैसे खाएंगे?। इसे लेकर ग्रामीणों में रोष है। उनका कहना है कि बच्चों को दिए जा रहे खाद्यान्न में घून हैं। चावलों में सूड़ी हो गई है। ऐसे खाद्यान्न को खाकर बच्चे बीमार हो गए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा।