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Sambhal News: कहीं पंचायत सहायक गायब तो कहीं भवनों पर लटके ताले

Thu, 07 Mar 2024 01:44 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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चंदौसी(संभल)। लोगों की सहूलियत के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में बनाए गए पंचायत भवनों में कहीं पर ताले लटके हैं तो कहीं पर लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। ऐसे में लोगों को पेंशन आवेदन और आय, जाति या अन्य प्रमाणपत्र बनवाने के लिए जनसेवा केंद्रों का सहारा लेना पड़ा है। 12 ग्राम पंचायतों की पड़ताल में अधिकांश पर ताले लटके मिले तो कहीं पर पंचायत सहायक की नहीं मिला।
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डिजिटल इंडिया के तहत सभी कार्य ऑनलाइन किए जाने के बाद शासन ने ग्रामीणों की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर मिनी सचिवालय बनाए हैं। जिले में 670 ग्राम पंचायतों में भवन के साथ साथ पंचायत सहायक भी नियुक्त किए हैं। प्रत्येक पंचायत भवन में एक-एक कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा व अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए। ताकि पंचायत सहायक गांव के कार्यों की ऑनलाइन फीडिंग, भुगतान, पेंशन फार्म, आय, जाति, मूलनिवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण आदि प्रमाणपत्र का आवेदन कर उन्हें उपलब्ध करा सकें। शुरुआत में इन पंचायत भवन में पंचायत सहायक नियमित बैठे। ग्रामीणों ने भी यहां मिलनी वाली सुविधाओं का खूब लाभ उठाया, लेकिन कुछ माह बाद ही पंचायत सहायकों की मनमानी शुरू हो गई। अब वर्तमान में अधिकांश पंचायत भवन में ताले लगे हैं। कई पंचायत भवन में पंचायत सहायक की तैनाती ही नहीं है। ऐसे में सरकारी की मंशा जो ग्राम स्तर पर सुविधा उपलब्ध कराने की थी, वह अधिकारियों की अनदेखी और अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ रही है।



गुन्नौर ब्लॉक


गुन्नाैर ब्लॉक की ग्राम पंचायत गंगावास में बने पंचायत भवन में ताला लगा था। ग्रामीणों के अनुसार अधिकांश सचिवालय बंद ही रहता है। जिस दिन कोई अधिकारी आता है, उसी दिन पंचायत भवन खुलता है। सचिवालय के आसपास कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। सचिवालय के सामने ग्रामीणों ने उपले पाथने में शुरू कर दिए हैं। बिचपुरी सैलाब में ग्रामीणों ने बताया कि शुरुआत में पंचायत सहायक बैठता है, लेकिन वह अब कभी-कभी ही आता है।
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जुनावई ब्लॉक

बघोई गांव का पंचायत भवन बुधवार को बंद था। गांव के लोगों ने बताया कि पंचायत सहायक सप्ताह में एक दो दिन ही आते हैं। वहीं लतीपुरधीर के पंचायत घर में पंचायत सहायक ऊषा की जगह उनके पति ब्रजकुमार बैठे थे। पूछने पर बताया कि उनकी पत्नी 28 फरवरी छुट्टी पर हैं। जिस वजह से वह काम कर रहे हैं।





बनियाखेड़ा ब्लॉक



रसूलपुर कैली गांव के पंचायत भवन में ताला लगा था। ग्रामीणों ने बताया कि पंचायत सहायक कभी-कभी आते हैं। उसमें भी कंप्यूटर खराब होने की वजह से कोई काम नहीं होता है। बनियाखेड़ा के पंचायतघर की स्थिति पर कुछ ऐसी है। बेहटा साहू में भी पंचायत भवन बंद था। लोगों ने बताया कि पंचायत सहायक सप्ताह में एक दो दिन ही बैठती हैं। अलावरपुर पंचायत भवन में लगा कंप्यूटर खराब पड़ा है। मोहम्मदपुर बाबई में के पंचायत भवन में बिजली विभाग का सामान पड़ा है। यहां भी पंचायत सहायक मनमुताबिक कार्य कर रहे हैं।



रजपुरा ब्लॉक



देवपुरा गांव का पंचायत सचिवालय काफी समय से बंद पड़ा है। परिसर में गंदगी पसरी है। कमरे की टाइल्स टूटी पड़ी हैं। वहीं केसरपुर गांव में निर्माण के बाद से सचिवालय का ताला नहीं खुला है। लोगों दूसरे कस्बे में निजी कंप्यूटर सेंटर की दुकानों पर काम कराने को मजबूर हैं।





बोले ग्रामीण

पंचायत भवन ज्यादातर बंद ही रहता है। जब कभी मीटिंग होती है, तभी खुलता है। लोगाें को इसका लाभ नहीं मिल रहा। -तिलक सिंह, बेहटा साहू



बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने है, लेकिन सचिवालय अधिकांश बंद ही रहता है। अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। -राजवती देवी, रसूलपुर कैली



पंचायत भवन बनने के बाद भी लोगों को यहां कोई सुविधा नहीं मिल रही है। पंचायत भवन हमेशा बंद रहता है। -उमेश यादव, बिचपुरी सैलाब
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जिले में 49 पंचायत सचिवालय पर पंचायत सहायक तैनात नहीं है। कुछ महिला पंचायत सहायकों की शादी हो गई। जबकि कुछ की नौकरी लग गई है। अन्य स्थानों पर पंचायत सहायकों से सचिवालय के अतिरिक्त अन्य काम भी कराए जा रहे हैं। जहां पर पंचायत सहायक नहीं है, वहां सचिवालय बंद मिलेंगे। सचिवालयों में काम न होने के मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी। -उपेंद्र पांडेय, डीपीआरओ संभल
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