पहली घटना के 11 दिन और दूसरी घटना के सात दिन बाद भी पुलिस टीमें बैकफुट पर हैं। वारदात को बेहद शातिर तरीके से अपराधियों ने अंजाम दिया है। यही कारण है कि अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस टीमों को पसीने छूट रहे हैं। सोमवार तक क्राइम ब्रांच, थाना पुलिस, एटीएस, आरपीएफ, जीआरपी, एलआईयू को कोई खास सुराग हाथ नहीं लगे थे।
14 फरवरी को तड़के करीब तीन बजे चंदौसी-मुरादाबाद रेल ट्रैक पर पुल संख्या 46 पर पटरी को काटने की कोशिश हुई थी। दुस्साहसिक वारदात की रेल के अवर अभियंता नितेश कुमार की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ थाना बनियाठेर में रिर्पाट दर्ज कराई थी।
अजीम गंज गांव के निकट हुई रेल काटने की घटना की सीनियर सेक्शन इंजीनियर केएल मीना की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दोनों मामलों में अभी तक एटीएस, क्राइम ब्रांच, थाना बनियाठेर पुलिस, रेल इंटेलीजेंस, आरपीएफ, जीआरपीएफ को अभी तक कोई जानकारी मिली है। अपराधी अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं।