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यूपीः मां के सामने से बच्चे को उठाकर खा गया जानवर, खेत में मिली खोपड़ी

Mon, 31 Dec 2018 02:22 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, संभल
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अपने बेटे के कपड़े दिखाता पिता - फोटो : अमर उजाला
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महीने भर से गंगा तट के खलिहाल-जंगलों में देखे जा रहे आदमखोर कथित तेंदुए ने आखिरकार एक ढाई साल के बच्चे को घर के सामने से उठा लिया और अपना शिकार बना लिया। अभी वन विभाग यह नहीं जान पाया है कि वह तेंदुआ, चीता है या बाघ है। दिन दहाड़े तेंदुए के इस हमले के बाद ग्रामीणों ने तत्काल ही तेंदुआ का पीछा किया लेकिन बच्चे को नहीं बचा पाए। गन्ने के खेत में बच्चे की खोपड़ी की कुछ हड्डियां और कपड़े ही मिल सके। इसके बाद वन विभाग सक्रिय हुआ। वहीं पुलिस प्रशासनिक और अधिकारी शाम तक घटना से बेखबर रहे।

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सुबह करीब 11 बजे गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र के नगला अजमेरी गांव के मजरा हकीमपुर निवासी शेर सिंह की पत्नी रानी घर के पिछवाड़े कपड़े धो रही थी। वहां कुछ बच्चे खेल रहे थे। तभी उसका ढाई साल का सबसे छोटा बेटा विकेश कुमार घर के बाहर निकल आया। जैसे ही वह कुछ आगे बढ़ा, वैसे ही सामने सरसों के खेत में छिपा कथित तेंदुआ ने विकेश पर झपट्टा मार दिया। जब तक रानी कुछ समझ पाती, उसके बच्चे को उठाकर तेंदुआ खेतों में गुम हो गया। शोर मचाया तो ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर दौड़े। काफी देर तक पीछा किया, लेकिन तेंदुआ कहीं नजर नहीं आया। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद गंगा का बंधा पार करने के बाद एक गन्ने के खेत में खोपड़ी की कुछ हड्डियां, विकेश के कपड़े आदि मिले। 

बालक का पूरा शरीर जंगली पशु ने खा लिया था, यहां तक कि हड्डियां तक चबा ली थीं। जिसे देखकर परिजनों में कोहराम मच गया। पूरा गांव यहां जमा हो गया। सूचना पर डिप्टी रेंजर लल्लन सिंह, कोतवाली प्रभारी अता मोहम्मद खान शाम को मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर देर शाम तक कथित तेंदुआ को तलाशा लेकिन वह नहीं मिला। डिप्टी रेंजर ने बताया कि एक मीटर ऊंचा, डेढ़ मीटर लंबा काली लालधारी वाला जो पशु ग्रामीण बता रहे हैं, वह हुलिया तो चीते का है। क्षेत्र में कहीं जंगली पशु के स्पष्ट पैरों के निशान नहीं मिल पाए हैं, बच्चे को उठाकर तो जंगली पशु ने खा लिया है। इसलिए पिंजरा मंगाया जा रहा है। पशु को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस प्रशासनिक अधिकारी शाम तक घटना की जानकारी से अनिभिज्ञ रहे।
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नगला अजमेरी के मजरी हकीमपुर में जंगली पशु ने बच्चे को खा लिया है, यह सच है। लेकिन वह तेंदुआ है, टाइगर है या चीता है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। क्योंकि उसके पैरों के निशान नहीं मिल पा रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार लगी हुई है। पिंजरा लगवाया जा रहा है। आदमखोर हो चुके जंगली पशु को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वह टाइगर तो नहीं हो सकता है, क्योंकि वह इतने दिनों तक एक स्थान पर नहीं रहता।
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-डीके चतुर्वेदी, डीएफओ संभल 
 

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