संभल। धान की फसल की रोपाई पूरी हो चुकी है। जहां-तहां अब भी रोपाई चल रही है। ऐसे में किसानों को धान की फसल के लिए यूरिया की जरूरत है। अन्य फसलों को भी किसानों का खाद लगाना है लेकिन इसे खरीदने में किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है। यूरिया संग उन्हें जबरन कीटनाशक दिया जा रहा है। ओवररेटिंग भी धड़ल्ले से की जा रही है। इससे किसानों में आक्रोश फैल रहा है। किसानों का कहना है कि जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए। क्योंकि पहले ही किसान खाद, बीज पर हुई महंगाई की मार झेल रहा है, अब यूरिया खरीदने में भी उत्पीड़न का शिकार हो रहा है।
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यह बोले लोग
कोट
दो कट्टे यूरिया लिया था, जिसके बदले 280 रुपये प्रति बैग और 160 रुपये मूल्य की जिंक अलग से लगाकर दी गई। कुल 880 रुपये खर्च करने पड़े। जबकि यूरिया के एक बैग की सही कीमत 267 रुपये है। लेकिन दुकानदार ने मनमाने दाम वसूले।
सतीश कुमार, किसान सकरपुर सोत।
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कोट
बिलालपत गांव में एक दुकान से दो कट्टे यूरिया लिया था। इसका बाजिब मूल्य तो 267 रुपये बनता है लेकिन दुकानदार ने 280 रुपये लिए। जबकि 160 रुपये कीमत की जिंक को अलग से लगाकर दिया। कुल 880 रुपये दो कट्टों के लिए खर्च करने पड़े।
सत्यप्रकाश चौधरी, शाहपुर सोत।
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कोट
धान की फसल में लगाने के लिए एक कट्टा यूरिया लिया था। इसके लिए कुल 440 रुपये खर्च करने पड़े। जबकि इसका बाजिव मूल्य 267 रुपये है। इस तरह अधिक रुपये खर्च करने पड़े। जिम्मेदारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
विनीत, किसान, सकरपुर सोत।
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कोट
एक-एक पैसा जोड़कर खेती को कर रहे हैं। खाद के लिए दोगुने रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। यूरिया का एक कट्टा लेने गया था लेकिन दुकानदार ने बिना जिंक के देने से मना कर दिया। जिंक लेते तो इतने रुपये नहीं थे। जिस कारण खाद नहीं ले पाई। अधिकारियों को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
शरीफ, बंटाईदार, शाहपुर सोत।
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यह बोले जिम्मेदार
कोट
यूरिया लेने पर स्प्रे कीटनाशक किसानों को जबरदस्ती नहीं दे सकते। अगर किसान मांग रहे हैं, तभी ही दे सकते हैं। नैनो यूरिया, स्प्रे कीटनाशक खाद लेने पर कीटनाशक देने का कोई आदेश नहीं है, जो दुकानदार ऐसा कर रहे हैं वह गलत हैं। चेकिंग करके हकीकत देखी जाएगी।
ओंकार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, संभल।