जामा मस्जिद सर्वे के बाद हुई हिंसा में पाकिस्तान और अमेरिका के कारतूसों के इस्तेमाल की पुिष्ट के बाद पुलिस और जांच टीमें उन हथियारों की तलाश में जुटी हैं, जिनसे इन्हें चलाया गया। इस बीच बृहस्पतिवार को जांच टीम को कोटगर्वी स्थित नीम वाली जियारत के पास दो कारतूस और दो खोखे मिले हैं।
पुलिस ने बृहस्पतिवार को बवाल में शामिल एक अन्य आरोपी फैजान को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से जेल भेज दिया है। आरोपी ने पूछताछ में कई अन्य आरोपियों की भी पहचान बताई है। छानबीन के दाैरान कुछ संदिग्धों को भी हिरासत में लिया गया है। अब तक तीन महिला समेत 35 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं।
जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुए बवाल के साजिशकर्ताओं तक पुलिस अभी तक नहीं पहुंच सकी है। अधिकारियों का कहना है कि जो लोग जेल गए हैं, वह सिर्फ उपद्रव करने वाली भीड़ का हिस्सा थे। बवाल का साजिशकर्ता अभी पकड़ में नहीं आ सके हैं। जल्द ही वह पुलिस की गिरफ्त में होंगे।
जुमे नमाज और छह दिसंबर को लेकर पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। जामा मस्जिद के पास और शहर में जगह-जगह पुलिस, पीएसी, आरएएफ व आरआरएफ तैनात कर दी है। डीएम और एसपी ने दोनों समुदाय के जिम्मेदार लोग और धर्मगुरुओं के साथ बैठक कर शांति बनाए रखने की अपील की।
बृहस्पतिवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने उलमा से अपील करते हुए कहा कि वह अपने अपने क्षेत्र के लोगों से अपील करें कि वह जुमा नमाज अपने क्षेत्र की मस्जिदों में ही अदा करें। जिले में धारा 163 लागू है, इसलिए भीड़ एकत्र नहीं की जा सकती है।
बवाल के आरोपियों की जेल में सपाइयों की मुलाकात के खेल में जेल अधीक्षक पीपी सिंह पर भी कार्रवाई हो सकती है। डीआईजी जेल की गई जांच में उनकी भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। आरोप है कि जेल में अवैध मुलाकात की जानकारी मिलने के बाद भी वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने अधीनस्थों से पूछताछ नहीं की और न ही उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
सोमवार को मुरादाबाद के पूर्व सांसद डाॅ. एसटी हसन समेत 15 सपाइयों ने जिला जेल में संभल बवाल के आरोपियों से मुलाकात की थी। इस मामले में जेलर और डिप्टी जेलर को निलंबित किया जा चुका है।