सिरसी (संभल)। मोहल्ला शर्की में मिठौली रोड पर शरीफुल हसन के अजाखाने में मजलिस हुई। इसमें मर्सिया असद अब्बास और उनके साथियों ने पढ़ा। मजलिस को जरीफ हसनैन ने खिताब किया। उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की बहन जैनब ने अपने खुतबों से वाकये कर्बला को पूरी दुनिया तक पहुंचाया। जैनब के भाई अब्बास अलमदार ने कर्बला में इमाम हुसैन के साथ इस्लाम और हक को बचाने के लिए अपने दोनों बाजू कटवा दिए और शहीद हो गए, लेकिन यजीद जैसे जालिम के सामने नहीं झुके। आखिर में हजरत अब्बास अलमदार के मसाइब बयान किए, जिसे सुनकर अजादारों की आंखें नम हो गईं। मजलिस के बाद हजरत अब्बास अलमदार का शबीए अलम मुबारक बरामद हुआ, जिसमें अंजुमन जुल्फकारे हैदरी, गुलदस्ते हैदरी, हाशमी, हैदरी, कारवाने हुसैनी और अंजुमन मीसमे अजा ने नोहा पढ़ा और मातम किया। जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ इमाम बारगाह शर्की सादात में पहुंचकर समाप्त हुआ।