संभल/चंदौसी/बबराला/गुन्नौर। एससी-एसटी बिल के विरोध में संभल और चंदौसी में गुरुवार को रैली निकाली गई। प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए। चंदौसी में भारतीय अखंड मंच ने और संभल में एससीएसटी एक्ट विरोधी मंच ने बाइक रैली निकाकर आंदोलन तेज करने की हुंकार भरी। दोनों स्थानों पर एसडीएम को ज्ञापन सौंपे गए। गुन्नौर तहसील में एसडीएम ओमवीर सिंह भ्रमण पर रहे। गवां, रजपुरा, बबराला और गुन्नौर में पुलिस सतर्क थी। जिले में दिन भर एहतियाती सतर्कता बरती गई। संभल में बिल का विरोध कर रहे कार्यकर्ताओं ने दुकानें बंद कराने का प्रयास किया लेकिन पूरी तरह सफलता नहीं मिली। कुछ देर के लिए कुछ लोगों ने दुकानों के शटर गिराए। इसके बाद दुकानें खोल लीं। आंदोलन का समर्थन करने की बात कही।
सवर्ण एकता मंच के आह्वान पर एससी-एसटी बिल विरोधी मंच का गठन किया गया। इसमें विभिन्न वर्गों के लोग शामिल थे। इन लोगों ने शंकर भूषण शरण जनता इंटर कॉलेज के चौराहे पर एकत्र होकर नारेबाजी करते हुए आरक्षण मुक्त भारत का आह्वान किया। इस मौके पर संशोधन बिल का विरोध किया। मंच के राष्ट्रीय संयोजक अनुज कुमार और राष्ट्रीय अध्यक्ष बीकेश शर्मा ने कहा कि आरक्षण के कारण सवर्ण पिछड़ रहे हैं। इसलिए आंदोलन होगा। आंदोलन के दौरान श्याम सिंह पवार, संजय कोठारी, विशेष कुमार शर्मा, संजय ठाकुर, सत्येेंद्र ठाकुर, शशांक त्यागी. नमन गर्ग आदि ने भाग लिया। इससे पहले बैठक हुई जिसमें संचालन दलजीत चौधरी ने किया। अध्यक्षता सुभाष चंद्र शर्मा ने की। इसमें सुबोध गुप्ता, महीपाल गोस्वामी, निशि त्यागी. मुकेश त्यागी, राजकुमार शर्मा आदि ने भाग लिया। गुन्नौर के एसडीएम ओमवीर सिंह ने बताया कि उनकी तहसील में बंद बेअसर रहा। संभल के एसडीएम ने बताया कि बंद के आह्वान के मद्देनजर दिन भर सतर्कता बरती गई।
भारतीय अखंड मंच की अगुवाई में ब्राह्मण शक्ति संघ, उद्योग व्यापार मंडल सहित कई संगठनों की सहभागिता में गुरुवार को शहर में जुलूस निकाल कर एससी/एसटी अधिनियम में बदलाव पर विरोध प्रदर्शन किया गया। व्यापारियों ने घंटे बजाकर नारेबाजी की तो कई संगठनों ने बैठकें करके विरोध जताया। हालांकि बाजार रोजमर्रा की भांति खुला रहा। भारतीय अखंड मंच की के नेतृत्व में कई संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ता गुरुवार को दलित उत्पीड़न अधिनियम में केंद्र सरकार द्वारा किए गए बदलाव के खिलाफ शहीद भगत सिंह चौक पर सुबह दस बजे एकत्रित हुए। बांहों में काली पट्टी बांधकर सभी ने शहर में जुलूस निकालकर नारेबाजी की। हृदेश अग्रवाल व अरविंद गुप्ता की अगुवाई में जुलूस स्टेशन रोड, मालवीय चौक, संभल गेट, घंटाघर, फड़याई बाजार, घास मंडी व ब्रह्म बाजार होता हुआ फव्वारा चौक पर पहुंचा। यहां विरोध प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मंच संयोजक डा. वीरेश कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने जबरन सवर्णों के खिलाफ कानून बनाकर यह विरोध लिया है, भाजपा सरकार को इसका खामियाजा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट का भी सम्मान नहीं कर रही है। भारत के संविधान निर्माता पर बाबा साहब पर भी केंद्र सरकार को भरोसा नहीं रहा है, उनके बनाए कानूनों को बदल रही है। सुधार सक्सेना ने कहा कि संविधान में आरक्षण व्यवस्था सिर्फ स्वतंत्रता के दस वर्षों तक लागू की गई थी। नितिन राघव ने कहा कि समान अधिकार कानून लागू होने के बावजूद सरकार तानाशाही पर आमादा है। एसडीएम महेश प्रसाद दीक्षित को राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया।
इसमें बिट्टू ठाकुर, श्याम भारद्वाज, उमाकांत मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, रतन वार्ष्णेय, कुलदीप वार्ष्णेय, अनिरुद्ध शंखधार, अरविंद शर्मा, राजीव शर्मा, दिली गौड़, सतीश सिंह, एसपी सिंह, पवन पाठक, डबलू गुप्ता, विनीत, नरेश सिंह, गौरव सिंह, मुजाहिद, मुस्तकीम, राजू मौर्य, राजपाल यादव, रमेशचंद्र पाल आदि शामिल रहे। ब्राह्मण शक्ति संघ के दिनेश भारद्वाज, अमित पांडेय, विवेक मिश्रा, सचिन मिश्रा, मुकेश गौड़, निशांकर शर्मा, सुधाकर शर्मा आदि ने भी एसडीएम को उपरोक्त अधिनियम के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रीय सवर्ण दल के नवलकिशोर गुप्ता, पूरन सिंह, मनोज शमा4, नितेंद्र शर्मा आदि ने भी एक ज्ञापन दिया।
पवांसा में भी किया गया धरना-प्रदर्शन
संभल। सुप्रीम कोर्ट के आदेेश के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से लाए गए एससी / एसटी बिल को लेकर सवर्ण संगठनों द्वारा भारत बंद के समर्थन में गुरुवार को पवांसा में दुकानें बंद रहीं। सवर्ण व पिछड़ा वर्ग के लोग ब्लाक परिसर से मुंह पर मास्क पहनकर जुलूस की शक्ल में रामलीला मैदान पहुंचे और धरना दिया। लोगों से चुनाव में नोटा का प्रयोग करने का आह्वान किया गया। सचिन राघव ने कहा कि सरकार ने भीम आर्मी के आंदोलन में धारा 144 नहीं लगाई थी जबकि सवर्णों के भारत बंद के मद्देनजर धारा 144 लागू की गई। सरकार की यह नीति ठीक नही है। बृजेेश उपाध्याय, राकेश सिंह, कुलदीप राघव, अजयपाल राघव, देवांशु राघव, विवेक, शुभम राघव, सोनू, सुमित, गोलू, अशोक पंडित, दिनेश सक्सेना, ध्रुव कुमार, नीरज शर्मा, पवन कुमार, पिक्कू आदि रहे।
व्यापारियों ने घंटे घड़ियाल बजाकर जताया विरोध
चंदौसी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल चंदौसी के व्यापारियों ने नगराध्यक्ष नरेश अग्रवाल की अगुवाई में फड़याई बाजार में घंटे घड़ियाल बजाकर केंद्र सरकार को नींद से जगाने का प्रयास किया। व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल चंदौसी के व्यापारी नगराध्यक्ष नरेश अग्रवाल की अगुवाई में फ़ड़याई बाजार में एकत्र हुए। यहां घंटे घडियाल बजाकर जागो केंद्र सरकार के नारे लगाए। काली पट्टी बांधकर एससी/एसटी अधिनियम का विरोध किया। आरक्षण के खिलाफ भी नारेबाजी की। ऐलान किया कि केंद्र सरकार की चुनाव में ईंट से ईंट बजा दी जाएगी। व्यापारी तीन दिन तक लगातार विरोध प्रदर्शन करेंगे। इसमें सागर गुप्ता, सर्वेश चीनी, इरफान खान, सुमित अग्रवाल, संजय कागजी, प्रवीन गुप्ता, दीपक वार्ष्णेय, राजीव अग्रवाल, मनोज गुप्ता, सचिन शंकर, अमित गुप्ता, वसीम कुरैशी आदि व्यापारी शामिल रहे।