दो वर्ष लगे गणेश चतुर्थी मेले में ग्राहकों के उमड़ने से व्यापारी खुश नजर आए। कहा कि कोरोना में सब कुछ बंद होने से काफी नुकसान हुआ था। मगर पाबंदी हटने पर लगे गणेश चतुर्थी मेले से रेल दोबारा पटरी पर दौड़नी शुरू हो गई है।
कोरोना संक्रमण के चलते 2020 व 21 में गणेश चतुर्थी मेले का आयोजन नहीं हुआ था। अब कोरोना पाबंदी हटने के बाद 29 अगस्त से गणेश चतुर्थी मेले का आयोजन हो चुका है। बुधवार को निकली रथयात्रा से मेले में रौनक बढ़ गई है। रथयात्रा देखने के लिए शहर के अलावा दूरदराज से एक लाख से अधिक पहुंचे। इसके अलावा हजारों की संख्या में लोगों ने मेले में खरीदारी कर झूलों का आनंद लिया। इन दुकानों पर पहुंच लोग खरीदारी कर रहे हैं जिससे व्यापारी भी खुश हैं।
कोरोना पाबंदी के चलते कहीं भी मेले का आयोजन नहीं हुए जिससे घर पर समय व्यतीत करना पड़ा। अब पाबंदी हटने के बाद मेले में दुकान लगाई है। बुधवार से बिक्री बढ़ी है।
अनिल कुमार, रसोई का सामान, बरेली
हम मेलों में दुकान लगाते हैं। कोरोना पाबंदी के कारण मेले बंद थे। पाबंदी हटने के बाद मेलों का आयोजन प्रारंभ हो गया है। गणेश चतुर्थी मेले में अच्छी बिक्री होती है इसलिए इस मेले में जरूर दुकान लगाते हैं।
रहीस अहमद, जनरल स्टोर, मुरादाबाद
हमारा गणेश मेले में 12 वर्षों से खानपान का बड़ा स्टाल लग रहा है। हमारे पास 25 युवक कार्य करते हैं। कोरोना में सब कुछ बंद होने से काफी नुकसान हुआ था। मगर पाबंदी हटने पर दोबारा रेल पटरी पर धीरे-धीरे दौड़नी शुरू हो गई है।
अशोक कुशवाह, खानपान का स्टाल, इटावा
हमारी सीता रोड पर मिष्ठान की दुकान है। मेले को लेकर मिठाई की खासी बिक्री हो रही है। बुधवार को ही करीब 60 किलो बूंदी के लड्डू बिके थे। मेले के दौरान मिठाई की अच्छी बिक्री हो जाती है।
पुनीत शर्मा, सीता रोड, चंदौसी