चंदौसी(संभल)। दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाकर न्यायालय में वाद दायर कर रंगदारी मांगने के आरोप में न्यायालय के आदेश पर कोतवाली चंदौसी पुलिस ने आरोपी अधिवक्ता नीरेश अरुण को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। वर्ष 2024 में मुरादाबाद के थाना मझोला में दर्ज मुकदमे की सुनवाई एसीजेएम कोर्ट नंबर-4 में चल रही है। आरोपी पर गंभीर आरोप होने के चलते न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।
मुरादाबाद के थाना मझोला क्षेत्र स्थित आवास विकास बुद्धि विहार निवासी विजेंद्र सिंह एडवोकेट ने थाना पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि नीरेश अरुण एडवोकेट निवासी मौहर शिवपुरी गली नंबर-दो बदायूं तथा वर्तमान में विकास नगर, मौलागढ़ की पुलिया, चंदौसी में रहकर वकालत करते हैं। आरोप है कि उन्होंने कुछ लोगों के साथ आपराधिक साजिश रचकर बिलारी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी अपनी रिश्ते की साली के साथ दुष्कर्म की झूठी एवं फर्जी घटना दर्शाते हुए न्यायालय सीजेएम संभल स्थित चंदौसी में बबीता देवी बनाम विजेंद्र सिंह आदि के नाम से धारा 156(3) सीआरपीसी के तहत वाद दायर कराया।
तहरीर के अनुसार, आरोपी नीरेश अरुण ने छह मार्च 2024 को शाम 5:28 बजे से रात आठ बजे तक कई बार फोन किए। फोन रिसीव करने पर उसने 3000 रुपये की मांग की। आरोप है कि इससे पहले भी वह 2500 रुपये तथा विजेंद्र सिंह के छोटे भाई से ऑनलाइन 500 रुपये, कुल 3000 रुपये ले चुका था।
शक होने पर विजेंद्र सिंह ने आरोपी का फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद आरोपी ने घर का निजी मोबाइल नंबर प्राप्त कर 16 मई 2024 की रात करीब नौ बजे फोन किया, जिसे उनके 13 वर्षीय पुत्र ने रिसीव किया। आरोप है कि आरोपी ने नाबालिग को डरा-धमकाकर गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही घर पर पुलिस भेजकर गिरफ्तार कराने की धमकी भी दी।
मामले की सुनवाई मुरादाबाद के एसीजेएम कोर्ट नंबर-4 में चल रही थी। न्यायालय में पेश न होने पर अदालत ने नीरेश अरुण के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए। कोतवाल चंदौसी अनुज कुमार तोमर ने बताया कि न्यायालय से जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर एसीजेएम न्यायालय मुरादाबाद कोर्ट नंबर-4 में पेश किया गया।