संभल।
जामा मस्जिद की पुताई को लेकर छिड़ी हुई बहस को जामा मस्जिद कमेटी के सदर जफर अली एडवोकेट ने खत्म कर दिया है। सदर का कहना है कि पुताई हाईकोर्ट के आदेश पर हो रही है। आदेश में जो लिखा है उसका पालन करते हुए एएसआई पुताई कराए। एएसआई की मर्जी है कि वह पुताई के दौरान हरे और सुनहरे रंग का इस्तेमाल करे या न करे। हमने यह निर्णय लेने का अधिकार एएसआई पर छोड़ दिया है। इसलिए रंग को लेकर कोई बहस होनी ही नहीं चाहिए। यदि मस्जिद पर पूरी तरह सफेदी कर दी जाएगी तब भी हम आपत्ति नहीं जता रहे हैं।
बृहस्पतिवार को जामा मस्जिद के मुख्य गेट के हिस्से पर पुताई का काम किया गया है। अभी तक हुई पुताई में सफेदी का ही इस्तेमाल किया गया है। मस्जिद के पिछले हिस्से में भी सफेदी ही की गई है। दूसरे किसी रंग का इस्तेमाल नहीं हुआ है। कमेटी के सदर ने कहा कि हमने एएसआई से पुताई के लिए अनुमति मांगी तो उन्होंने नहीं दी। हम हाईकोर्ट चले गए और हाईकोर्ट के आदेश पर ही पुताई हो रही है और सजावट भी होगी। कहा कि हमने एएसआई के अधिकारियों को कहा है कि जो हाईकोर्ट का आदेश है उसके अनुसार पुताई करा दी जाए। सदर ने बताया कि अभी दो दिन का समय पुताई का काम पूरा होने में लग सकता है।
करीब 300 रंग-बिरंगी लाइटों से सजाई जाएगी मस्जिद
जामा मस्जिद कमेटी के सदर ने बताया कि हर वर्ष रमजान के महीने में मस्जिद की सफाई और पुताई होती रही है। इसके बाद सजावट का काम किया जाता है। पुताई चल रही है और सजावट का काम भी शुरू करा दिया है। बताया कि इस बार झालर से नहीं सजाया जाएगा। रंग बिरंगी लाइट्स से मस्जिद को सजाया जा रहा है। यह सजावट ईद तक रहेगी। उसके बाद सजावट को हटा दिया जाएगा। बताया कि सजावट के लिए लाइटें लगानी शुरू कर दी गई हैं।
हरे रंग को लेकर हिंदू संगठनों ने किया था विरोध
जामा मस्जिद की पुताई के लिए जब हाईकोर्ट ने एएसआई को आदेश दिया तो हिंदू संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम और एसपी को दिया गया था। जिसमें मांग की थी कि मस्जिद में हरा रंग नहीं किया जाना चाहिए। यदि हरा रंग किया जाता है तो भगवा रंग भी किया जाए। इसके अलावा यह भी मांग की थी कि मस्जिद में हरा या भगवा रंग न कराकर सफेद करा दिया जाए।