संभल में हुई हिंसा में शामिल उपद्रवियों को चिह्नित कर पुलिस ने उनके पोस्टर सोशल मीडिया पर जारी कर दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि उपद्रवियों से ही हिंसा में हुए नुकसान की वसूली भी की जाएगी। उधर, सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता ममलुकुर्रहमान बर्क ने बवाल का जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों को बताया है। उन्होंने कहा कि भीड़ को पुलिस प्रशासन द्वारा उकसाया गया।
इसके बाद ही भीड़ उग्र हो गई। इसमें पांच लोगों की जान चली गई। इस मामले में शासन द्वारा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके। एडीजी रमित शर्मा ने लोगों के साथ बैठक करते हुए कहा क निर्दोष लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। लेकिन जिनके हाथ में पत्थर दिख रहे हैं, उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा।
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि वीडियो और सीसीटीवी फुटेज की मदद से चिह्नित किए गए आरोपियों के पोस्टर अब शहर के चौराहों पर भी लगाए जाएंगे। बुधवार को भी पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश दी और कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया। पुलिस ने रविवार को संभल की जामा मस्जिद के बाहर, नखासा और हिंदूपुरा खेड़ा क्षेत्र में उपद्रव करने वाले 100 से ज्यादा आरोपियों को चिह्नित किया है।
एडीजी रमित शर्मा ने लोकनिर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में उमला और जिम्मेदार लोगों के साथ शांति समिति की बैठक की। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। लेकिन जिनके हाथ में पत्थर दिख रहे हैं, उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा। रविवार को बवाल के बाद हालात तो काबू में हो गए हैं, लेकिन बवाल का भय लोगों के मन से अभी तक नहीं निकला है।