चंदौसी (संभल)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) ने एनडीपीएस के मामले में 2018 वर्ष में थाना बनियाठेर में दर्ज मुकदमे के दोषी को दस साल के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
विशेष लोक अभियोजक प्रेम प्रकाश ने बताया कि थाना बनियाठेर में 16 अप्रैल 2018 को उपनिरीक्षक महेंद्र सिंह व विकेश राणा सरकारी जीप से पुलिस बल के साथ रात को गश्त पर निकले थे। जब पुलिस सराय सिकंदर के तिराहे के पास पहुंची, तो एक संदिग्ध व्यक्ति गांव सरथल की तरफ से आता हुआ दिखाई दिया। जो पुलिस की जीप को देखकर घबरा गया और उसने भागने का प्रयास किया। शक होने पर पुलिस ने उसका पीछाकर पकड़ लिया। पुलिस के पूछने पर उसने अपना नाम विक्रम निवासी गांव निरूद्दीनपुर गंज थाना बिलारी जनपद मुरादाबाद बताया। तलाशी लेने पर आरोपी के पास चरस मिली। उसने बताया कि पुलिस को आता देख पकड़े जाने के डर से भाग रहा था। वह चरस बेचने के लिए ले जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने उच्चाधिकारियों को भी मौके पर बुला लिया था। पुलिस आरोपी को थाने ले आई। आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई। इस मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) रागिनी के न्यायालय में चल रही थी। जिसमें न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को दस वर्ष के कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही बरामद माल को अपील की अवधि के बाद निस्तारित करने का आदेश दिया।