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Sambhal News: नौकरी की तलाश में घर से निकला युवक 28 वर्ष बाद परिजनों को मिला

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धनारी (संभल)। गांव सुनवर सराय से नौकरी की तलाश में गया युवक 28 वर्ष बाद परिजनों को दिल्ली के पहाड़गंज में मिला। युवक को सही सलामत देखकर परिवार के लोग भावुक हो गए। परिजनों ने बताया कि जब इतने वर्ष तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला, तो उसकी पत्नी ने अपने देवर से शादी कर ली। लेकिन देवर की भी मृत्य हो जाने पर पत्नी एक विधवा की तरह गुजर बसर करने लगी। उसे ये नहीं मालूम था कि उसका पति अभी जिंदा है।
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क्षेत्र के गांव सुनवर सराय का रहने वाले भगवान स्वरूप 20 वर्ष की उम्र में अपनी पत्नी और बच्चे को छोड 15 अगस्त 1997 में दिल्ली नौकरी करने के लिए घर से चला गया था। इसके बाद युवक का अपने परिवार से कभी कोई संपर्क नहीं हो पाया। हालांकि परिजनों का कहना है कि उन्होंने उसकी काफी जगह तलाश की। लेकिन कहीं कोई जानकारी नहीं मिल पाई। इस बीच उसके पीछे उसकी पत्नी ने देवर के साथ शादी कर ली। देवर की मौत के बाद महिला एक विधवा की तरह जिंदगी गुजारने लगी, लेकिन 15 अगस्त 2025 को परिवार को सूचना मिली कि भगवान स्वरूप दिल्ली के पहाड़गंज में मौजूद है।
सूचना मिलते ही परिवार के लोग दिल्ली रवाना हो गए। यहां भगवान स्वरूप पंजाबी वेशभूषा में परिजनों को मिला। तो इतने वर्ष के बाद परिजन उसे पहचान भी नहीं पाए। पहचान के बाद परिजन उसे दिल्ली से बुलंदशहर जिले के अनूपशहर ले गए। यहां परिजनों ने उसके बाल कटवाए फिर नए कपड़े पहनाकर उसे घर ले गए। भगवान स्वरूप ने परिजनों को बताया कि 15 अगस्त 1997 में वह नौकरी की तलाश में ट्रेन में सफर कर नई दिल्ली जा रहा था। ट्रेन में उसकी एक अपरिचित व्यक्ति से मुलाकात हो गई, तो वह उस व्यक्ति के साथ नई दिल्ली के पहाड़गंज पहुंच गया, जहां उस व्यक्ति के दो साथी और आ गए और वे कहने लगे कि हमारी फैक्ट्री में नौकरी कर लेना, 25 से 30 हजार रुपए हर माह दे देंगे। वह उनके झांसे में आ गया और उन्होंने उसे चाय पिलाई। इसके बाद जब उसे होश आया, तो उसने अपने आप को किसी पहाड़ी इलाका में पाया। जहां पर एक पठान अपनी भैंसे चरवाता था। लेकिन उस जगह का आजतक पता नहीं लगा सका, लेकिन जहां रहता था। वहां कुछ दूर पर सेना रहती थी। दूध बेच कर पठान को देते थे और कुछ रुपए खर्चे को मिल जाते जिससे चावल रोटी बना कर गुजारा कर रहे थे। इसी दौरान एक पंजाबी से मुलाकात हुई और जो 14 अगस्त को वॉलेट बाइक से उसका मुंह पर कपड़ा डालकर दिल्ली ले गया और दो सो रुपए देकर चला गया। पहाड़गंज में एक ठेला लगाने वाले को उसने घटना की जानकारी दी। तो ठेला लगाने वाले व्यक्ति ने आसपास में रहने वाले मजदूरों से जानकारी की और सुनवर सराय का मोबाइल नंबर लेकर सूचना परिजनों को पहुंचाई।
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