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हफ्ते भर पहले भी घर से भगाने की कोशिश की गई थी

Mon, 22 Jan 2018 12:46 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
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गवां चौकी इचार्ज का घेराव करते कस्बे के लोग। - फोटो : अमर उजाला
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पीड़ित महिला निरुपमा का का आरोप है कि सप्ताह भर पहले भी उसके घर में मारपीट कर उसे घर से भगाने की कोशिश की थी। पुलिस पूरी तरह से सत्ता के दबाव में है, मेरी रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी, जिससे उनके हौसले बुलंद है। 
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आरोप है कि रविवार शाम करीब चार बजे राजेंद्र सिंह, फौजी सिंह, उसका पुत्र नरायण तथा दानवीर, चंद्रपाल, शिशुपाल, नेकपाल, बलवीर व बीस अन्य अज्ञात लोगों ने उसके घर में घुसकर मारपीट की, और जेवर लूट लिए। पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन सत्ता पक्ष के समर्थकों का हंगामा नहीं थमा। निरुपमा देवी के घर में आग लगा दी गई। जिससे कस्बे में खलबली मच गई। पुलिस सिर्फ तमाशाई की भूमिका में दिखी। यह देखकर पूरे कस्बे में ही आक्रोश फैल गया। सभी व्यापारियों, दुकानदारों ने मार्केट को बंद कर दिया। 


आक्रोशित लोगों ने पुलिस चौकी गवां जाकर जमकर हंगामा किया। भाजपा विधायक अजित कुमार राजू का पुतला फूंक कर उनके खिलाफ जबरदस्त नारेबाजी की। थानाध्यक्ष राज कुमार सिंह का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। विधायक के इशारे पर पुलिस पर जबरन मकान पर कब्जा कराने का आरोप लगाया। नगर पंचायत अध्यक्ष अखिलेश अग्रवाल, समाजसेवी विपिन शर्मा आदि के काफी समझाने बुझाने के बाद देर शाम लोग शांत हुए। निरुपमा देवी ने उपरोक्त सात लोगों को नामजद व 20 अज्ञात के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। जिसमें घर में घुसकर मारपीट, लूटपाट, महिलाओं से अभद्रता, आगजनी आदि का आरोप लगाया गया है।
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