फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sambhal News: हीट स्ट्राेक से बचाने के लिए जिला अस्पताल में दस बेड का वार्ड तैयार

विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। भीषण गर्मी में बढ़ती मरीजों की संख्या और हीट स्ट्रोक को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। हीट स्ट्रोक की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए जिला अस्पताल में इमरजेंसी में दो बेड और आठ बेड का अलग वार्ड बनाया गया है, जिसमें उपचार संबंधी सभी संसाधन मरीजों के लिए उपलब्ध होंगे।
विज्ञापन

इन दिनों सूरज की प्रचंड तपिश से लोगों का जीना मुहाल हो रहा है। भीषण गर्मी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में ओपीडी 800 के पार पहुंच गई है। गर्मी को देखते हुए आने वाले समय में हीट स्ट्रोक के शिकार लोगों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। इसके लिए जिला अस्पताल में दस बेड का हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार किया गया है। इसमें मरीजों की सुविधा के लिए कूलर, आईवी फ्लूएड, ओआरएस, कोल्ड आइस पैक, दवाएं और इंजेक्शन, थर्मामीटर सभी आवश्यक चीजें उपलब्ध हैं। इसके अलावा ओपीडी वार्ड में कूलर लगाए गए हैं। मरीजों और तीमारदारों के पीने के लिए चिलर युक्त आरओ का पानी की भी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला अस्पताल के कार्यवाहक सीएमएस डॉ. राजेंद्र सिंह सैनी ने बताया कि इन दिनों भीषण गर्मी के कारण ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। आने वाले समय में हीट स्ट्रोक को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है। वार्ड तैयार करने के साथ ही हीट स्ट्रोक संबंधी दवाओं और संसाधन जुटा लिए हैं।
विज्ञापन


0000
अचानक शरीर का तापमान बढ़ने को न करें नजरअंदाज

डॉ. राजेंद्र सैनी ने बताया कि हीट स्ट्रोक में शरीर का तापमान अचानक तेज हो जाना, सुस्ती और बेहोशी आना, त्वचा का लाल और शुष्क होना जाना, सिर दर्द एवं मांसपेशियों में ऐंठन होती है। उन्होंने बताया कि यदि हीट स्ट्रोक की अनदेखी करने पर व्यक्ति की जान भी जा सकती है। इसलिए अचानक शरीर का तापमान बढने, सुस्ती आने की स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और समय रहते उपचार कराएं।
0000

हीट स्ट्रोक से इस तरह करें बचाव
संभल मेडिकल कॉलेज के सीएमओ डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए हल्के रंग के ढीले-ढाले कपड़े पहनें। निर्जलीकरण को रोकने के लिए दिन में कम से कम आठ गिलास पानी, फलों का जूस का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। सोडियम की कमी के कारण गर्मी से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं। व्यायाम करते समय या बाहर काम करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें। तेज धूप से बचाव का जतन करें। हल्का भोजन करें और तरल पदार्थ अधिक लें। शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने का जतन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें