धनारी। पिता-पुत्र की हत्या कर पिकअप गाड़ी लूटने के मामले में दो आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। हालांकि पुलिस की पांच टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अन्य जिलों में दबिश दे रही हैं। पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम 50-50 हजार रुपये से बढ़ा कर एक-एक लाख रुपये कर दिया है।
धनारी के गांव भिरावटी का मजरा मलुआ के घेर निवासी नरेश और उनके पुत्र भीमसेन दो अप्रैल को भाड़े पर पिकअप मेरठ को तय करके ले गए। आरोपियों ने गाड़ी लूट कर पिता-पुत्र की हत्या कर शव को शामली के जंगल में फेंक दिए थे। इस मामले में पुलिस ने आठ अप्रैल दिन बुधवार को मुठभेड़ में एक आरोपी मनोज गांव चिंजरी थाना मूसाझाग जिला बदायूं को गिरफ्तार कर लिया।
जबकि पुलिस की जांच में दो सगे भाई अरविंद व संतोष निवासी गांव रझैरा सलेमपुर थाना कैला देवी जिला संभल के नाम प्रकाश में आए। दोनों ही आरोपी फरार चल रहे हैं। इस मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच पांच टीमें लगी हुई हैं। आसपास के जनपदों में दबिश दी जा चुकी है। पुलिस को अभी सफलता हाथ नहीं लगी है। वहीं पिछले दिनों पुलिस ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। जो अब बढ़ा कर एक-एक लाख रुपये कर दिया है।
डीएम व एएसपी से मिला पीड़ित परिवार
धनारी। सोमवार को पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष रूहेलखंड विश्वविद्यालय सुनील यादव के साथ मृतक नरेश की पत्नी गीता और भीमसेन की पत्नी कुंतेश समेत परिवार के अन्य सदस्य डीएम और एएसपी कुलदीप सिंह से मिले। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से बताया कि फरार आरोपियों के भय से परिवार सहमा हुआ है। उनकी गिरफ्तारी शीघ्र की जाए। घर में कमाने वाले पिता-पुत्र की हत्या के बाद आर्थिक संकट गहरा गया है। जिससे सरकारी आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। सरकार द्वारा बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए। पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
पिता-पुत्र की हत्या के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं। वहीं आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए घोषित इनाम 50-50 हजार रुपये से बढ़ा कर एक-एक लाख रुपये कर दिया गया है। साथ ही पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की गई है।
कुलदीप सिंह, एएसपी उत्तरी, संभल