जुनावई (संभल)। गांव काशीपुर में सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे बारिश के दौरान बिजली गिरने से गांव के विजयपाल के मकान की छत ढह गई। छत के मलबे में दबकर छात्रा रश्मि (11) की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे में रश्मि के भैया-भाभी घायल हो गए। ग्रामीणों ने मलबा हटाकर घायलों को बाहर निकाला।
गांव निवासी विजयपाल की विजयपाल की 11 वर्षीय बेटी रश्मि अपने भाई दीपक और भाभी रजनी के साथ कमरे में सो रही थी, जबकि पास के कमरे में उसका छोटा भाई विकास अपनी पत्नी के साथ सो रहा था। छत गिरने की तेज आवाज और चीख-पुकार सुनकर विकास और उसकी पत्नी सहित अन्य परिजन तुरंत जाग गए और बाहर निकलकर मदद के लिए दौड़े। शोर सुनकर पड़ोसी भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने मिलकर कड़ी मशक्कत के बाद पहले दंपती को मलबे से बाहर निकाला, जो घायल अवस्था में थे। इसके बाद मलबे में दबी रश्मि की तलाश की गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना ग्राम प्रधान किशनवीर सिंह ने पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कुछ देर बाद राजस्व विभाग और नायब तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन किया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया।
भाई विकास ने बताया कि मां की मृत्यु के बाद रश्मि अक्सर खरगोश पालकर अपना मन बहलाती थी। भाइयों में सबसे छोटी होने के कारण उसकी हर ख्वाहिश पूरी करने की कोशिश की जाती थी। कुछ समय पहले उसने खरगोश पालने की इच्छा जताई थी, जिस पर परिजनों ने उसे खरगोश लाकर दिया था। रश्मि उसे अपने बेहद करीब रखती थी और रात में अपने बिस्तर के पास ही उसका पिंजरा रखकर सोती थी। हादसे वाली रात भी वह खरगोश को अपने पास रखकर सोई थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उसकी जिंदगी की आखिरी रात साबित होगी। मलबे में दबने से उसके साथ ही पिंजरे में बंद खरगोश की भी मौत हो गई।
ग्राम प्रधान किशनवीर सिंह ने बताया कि दीपक की शादी में मिला दहेज का सामान उसी कमरे में रखा हुआ था, जहां हादसा हुआ। छत गिरने से मलबा सीधे दहेज के सामान पर आ गिरा, जिससे अधिकांश सामान टूट कर बर्बाद हो गया। हादसे के बाद परिवार को जहां अपूरणीय क्षति झेलनी पड़ी, वहीं आर्थिक नुकसान भी काफी हुआ है।