संभल। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने नगर के पापमोचन और पिशाचमोचन तीर्थ के संरक्षण, विकास कार्यों को गति देने व तीर्थ भूमि को अतिक्रमणमुक्त रखने की मांग की है।मंगलवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा है।
जिलाध्यक्ष अशोक त्रिवेदी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि वंदन योजना के तहत पापमोचन और पिशाचमोचन तीर्थ पर विकास कार्य प्रस्तावित हैं। पिशाचमोचन तीर्थ पर चल रहा कार्य दो माह से रुका है, जबकि पापमोचन तीर्थ पर अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है। दोनों तीर्थों के विकास कार्यों को जल्द ही शुरू कराया जाए। कहा कि संभल की पहचान उसके प्राचीन तीर्थों और धार्मिक विरासत से है। इन तीर्थों का संरक्षण केवल विकास का विषय नहीं, बल्कि हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा का विषय है। पूर्व में तीर्थ भूमि पर अतिक्रमण की घटनाओं को देखते हुए दोनों तीर्थों की भूमि का सीमांकन एवं सत्यापन कराकर उसे सुरक्षित किया जाना आवश्यक है। इस दौरान प्रांत उपाध्यक्ष अशोक गौतम, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष अजीत सैनी, विश्वास कुमार, आशीष विश्वास, कैलाश चंद्र, विमल कुमार, करण सैनी, मंटू कुमार आदि रहे।