ओबरी। आज बचाओगे जल, काम आएगा कल जैसे नारे जल संरक्षण का दावा तो करते हैं, लेकिन जिम्मेदार ही इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। असमोली ब्लॉक क्षेत्र के गांव टांडाकोठी में इसकी बानगी देखी जा सकती है। इस गांव में छह माह में 99 कनेक्शन ग्रामीणों को दिए गए लेकिन किसी पर भी टोंटी नहीं लगाई गई हैं। इससे हर रोज लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
संभल जिले के असमोली ब्लॉक क्षेत्र के गांव टांडा कोठी में वर्ष 2023-24 में जल निगम ने करीब ढाई करोड़ की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण किया था। घरों तक पेयजल की आपूर्ति के लिए 8 हजार 553 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई। जल निगम के अधिशासी अभियंता चंद्रहास ने बताया कि अभी तक 99 लोग जलापूर्ति के लिए कनेक्शन ले चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जल निगम ने बिना टोंटियों के ही कनेक्शन जोड़ दिए गए हैं। घरों में जलापूर्ति के दौरान करीब छह माह से रोज लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। जिससे जलनिगम के जल संरक्षण के दावे खोखले साबित हो रहे हैं।
जल निगम, ग्रामीण के एक्सईएन चंद्रहास गंभीर ने बताया कि जहां भी समस्याएं हैं, वहां समाधान कराया जा रहा है। कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। ग्रामीणों से अपेक्षा है कि वे निगम के अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दें। ताकि समाधान कराया जाए।