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Sambhal News: संभल हिंसा में 12 मुकदमों में 92 आरोपी भेजे गए हैं जेल, बवाल में महिला की भूमिका नहीं मिलने पर जेल से हुई थी रिहाई

Thu, 19 Jun 2025 12:42 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
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संभल। जामा मस्जिद सर्वे के दाैरान हुए बवाल में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें नाै मुकदमे संभल कोतवाली में दर्ज हुए थे। जबकि एक मुकदमा मुरादाबाद के पाकबड़ा थाने में जानलेवा हमले का दर्ज किया गया था जो बाद में कोतवाली संभल में ट्रांसफर किया गया था। इसकी विवेचना अभी चल रही है। दो मुकदमे नखासा थाने में दर्ज किए गए थे, जिनमें चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। पुलिस बवाल से जुड़े मामले में तीन महिलाओं समेत 92 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इसमें जामा मस्जिद कमेटी के सदर भी शामिल हैं। सभी 92 आरोपियों को अभी तक जमानत नहीं मिली है।
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एसपी ने बताया कि बवाल से जुड़े दर्ज 12 मुकदमों में से 11 मुकदमों में एसआईटी ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है। पाकबड़ा में क्राइम नंबर शून्य पर जो एफआईआर दर्ज हुई थी। उसकी विवेचना के लिए मुकदमा संभल कोतवाली में ट्रांसफर किया गया, जिसकी विवेचना अभी जारी है। बताया गया कि बवाल 24 नवंबर की सुबह सर्वे करने पहुंची टीम का विरोध करने से शुरू हुआ था। जिसमें भीड़ ने पथराव, फायरिंग और आगजनी की थी। इसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। चार लोगों की जान गई थी। 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे।



सूत्रों का कहना है कि एसआईटी ने सांसद समेत 23 आरोपियों के खिलाफ जो चार्जशीट दाखिल की है, उसमें पुलिस ने जिक्र किया है कि 24 नवंबर को राजनीतिक व आपराधिक वर्चस्व के लिए यह बवाल किया गया है। शारिक साटा का गिरोह आपराधिक वर्चस्व बनाना चाहता था। इसके चलते गिरोह के सदस्य गुलाम, मुल्ला अफरोज और वारिस ने पिस्टल से गोलियां चलाईं। भीड़ को एकत्र करने का मकसद राजनीतिक वर्चस्व को बढ़ाने के लिए था।
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जामा मस्जिद के बाद बवाल नखासा तिराहा और हिंदूपुरा खेड़ा इलाके में बवाल हुआ था। पुलिस प्रशासन के अधिकारी सूचना पर पहुंचे थे तो भीड़ ने अधिकारियों के सामने ही पथराव कर दिया था। उससे पहले भीड़ नखासा तिराहे पर कई बाइक को फूंक चुकी थी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों व फोर्स पर पथराव करने में तीन महिलाओं समेत कई लोग गिरफ्तार किए गए थे। इन तीन महिलाओं में शामिल मरियम की भूमिका प्रकाश में नहीं आई तो धारा 217 की रिपोर्ट पुलिस द्वारा न्यायालय में पेश की गई। इसके बाद महिला की 87 दिन बाद रिहाई हो गई थी। हालांकि बाद में तीसरी महिला की भी गिरफ्तारी हुई थी। जिसने पथराव किया था।



एसपी का कहना है कि 24 नवंबर को हुए बवाल में 12 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इसमें 11 मुकदमों में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई है। एक मामले की विवेचना अभी चल रही है। सुहेल इकबाल की भूमिका बवाल में सामने नहीं आई थी। इसके चलते उनका नाम बवाल के मुकदमे से विवेचक द्वारा हटा दिया गया है। अब सांसद व जामा मस्जिद कमेटी के सदर समेत 23 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी गई है।
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