संभल/बबराला। किसानों को धान बेचने के लिए क्रय केंद्र पर आने वाली दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अब ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। खाद्य विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण होने के बाद किसान के द्वारा बोई गई फसल की जमीन के रकबे का सत्यापन तहसीलदार और उप जिलाधिकारी के द्वारा की जाएगा। सत्यापन के बाद अधिक मात्रा में धान बेचने की प्तरक्रिया पर लगाम लगेगी और बिचौलियों की भूमिका भी खत्म हो जाएगी।
प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग के द्वारा जारी दिशा निर्देश में कहा गया है कि जिन किसानों ने अपने खेतों में धान की फसल की है। वे जन सेवा केंद्र या साइबर कैफे के माध्यम से अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराएं। ऑनलाइन पंजीकरण कराने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, बैंक खाता, खतौनी की खाता संख्या और मोबाइल नंबर देना होगा। जिसके बाद उनके खेत की रकबे का सत्यापन तहसील के राजस्व विभाग के द्वारा किया जाएगा और फसल का ब्योरा वेबसाइट पर अंकित हो जाएगा। जब किसान अपने धान को सरकारी क्रय केंद्र पर बेचेगा तो उसमें कोई भी बिचौलिया धांधली नहीं कर सकेगा और जितने रकबे का सत्यापन हुआ है। उतनी रकबे का धान किसान बेच सकेंगे।
किसान 31 अगस्त तक कराएं पंजीकरण
संभल। एडीएम लवकुश त्रिपाठी ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा धान की खरीद के समर्थन मूल्य योजना का लाभ लेने के लिए किसान 31 अगस्त तक अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद सत्यापन होगा। इसके बाद किसानों को 1750 रुपए प्रति कुंटल सामान्य एवं 1770 रुपये प्रति कुंतल ग्रेड ए के धान का समर्थन मूल्य मिलेगा।