संभल/हसनपुर। मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबे बनाए जा रहे गंगा एक्सप्रेसवे पर इस साल के अंत तक वाहन दौड़ने लगेंगे। अमरोहा और संभल में एक्सप्रेसवे का 90 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। प्रदेश के इस सबसे लंबे एक्सप्रेसवे के शुरू हो जाने से स्थानीय व्यापार, कृषि और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली, लखनऊ और प्रयागराज का सफर करना आसान होगा।
संभल जिले में 38 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के लिए दो जंक्शन बनाए गए हैं। इसमें एक जंक्शन खिरनी और दूसरा लहरावन में बनाया है। इन दोनों जंक्शन पर आठ टोल बूथ का काम चल रहा है। जिले में संभल तहसील क्षेत्र के गांव ततारपुर संदल से गंगा एक्सप्रेस वे शुरू हुआ है और चंदौसी तहसील के गांव नगलिया कठेर से होते हुए बदायूं जिले में प्रवेश कर रहा है। 38 किलोमीटर की दूरी में संभल तहसील के 17 गांव और चंदौसी तहसील के 14 गांव शामिल हैं। यहां खिरनी से प्रवेश कर दिल्ली के लिए वाहनों का आवागमन ज्यादा रहेगा। उत्तराखंड का ट्रैफिक भी वाया संभल होकर ही गुजरेगा। प्रोजेक्ट मैनेजर के मधुकर ने बताया कि संभल जिले में 90 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। जो 10 प्रतिशत काम बचा है, उसको भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा।