युवक संग युवती के जाने के बाद बेखौफ उपद्रवियों ने पुलिस-पीएसी की मौजूदगी में भी दूसरे समुदाय के घरों में तोड़फोड़ कर डाली। सामानों में आग लगा दी, तैनात फोर्स ने रोका तो उस पर भी पथराव कर दिया, तमंचे से फायर किए गए।
सूचना पर और फोर्स पहुंची तो उपद्रवियों पर काबू पाया गया। छह आरोपियों को अरेस्ट किया गया, मगर इस घटना से दूसरे समुदाय के लोगों में दहशत है। डरे लोगों ने गुरुवार सुबह पलायन कर दिया। सूचना पर जब तक डीआईजी मौके पर पहुंचे, नौ परिवार पलायन कर चुके थे।
गांव से 8 मई की रात एक शादीशुदा युवती कहीं चली गई थी। ग्रामीणों ने तलाशा तो इसमें दूसरे समुदाय के पड़ोसी युवक का नाम सामने आया। पुलिस युवती की तलाश पाती इससे पहले ही 9 मई की रात आरोपियों ने धावा बोल दिया।
इसके बाद गांव में डेढ़ सेक्शन पीएसी के संग दो दरोगा और सिपाही तैनात कर दिए। इस बीच बुधवार रात नौ बजे 40-50 लोग फिर एकत्र हो गए और वर्ग विशेष के घरों के टीवी फ्रिज आदि तोड़ डाला। बाइक और कूलर को आग लगा दी। विरोध करने पर पीटा।
फोर्स ने घेरा तो एक-दो फायर हुए, पथराव भी किया। रात में ग्यारह बजे और फोर्स पहुंची तब उपदवियों को खदेड़ा जा सका। छह लोग अरेस्ट किए गए, लेकिन दहशत में दूसरे समुदाय के लोगों ने गुरुवार सुबह से पलायन शुरू कर दिया।
जानकारी मिलते ही डीआईजी ओंकार सिंह और एसपी रविशंकर छबि पहुंचे। इस बीच 9 परिवार पलायन कर गए थे, जबकि कई परिवार सामान भर कर जा रहे थे। डीआईजी ने उन्हें तत्काल रोका, डीआईजी ने दोनों समुदायों के लोगों के साथ बैठक की। सुरक्षा देने का वादा किया।
पुलिसकर्मियों के खिलाफ दिए जांच के आदेश
जुनावई। जिन पुलिसकर्मियों के सामने उपद्रव हुआ था डीआईजी ने उनके खिलाफ एक्शन और जांच के आदेश दिए। इधर, एसपी रविशंकर छबि ने बताया कि गांव में एहतियाती सतर्कता है। सुरक्षा के लिए 2 सीओ, कई दरोगा तथा 50 कांस्टेबल तैनात कराए।
पहले दिन तोड़फोड़ पर हेड कांस्टेबिल मलखान सिंह ने 20-25 लोगों के खिलाफ दर्ज कराई है। बुधवार रात के बवाल में पीड़ित नफीस की ओर से 16 लोगों को नामजद तथा 40-50 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर कराई गई है।