बबराला। जेठ पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा में स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पूजा अर्चना कर प्रसाद का वितरण किया। मान्यता के अनुसार श्रद्धालुओं ने इस दिन पीपल वृक्ष की भी पूजा की। इस दौरान गंगा तट जयकारों से गूंज उठा।
राजघाट पर जेठ पूर्णिमा के अवसर पर गुरुवार की सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला आरंभ हो गया था। दस बजे के बाद श्रद्धालुओं की भीड़ ने विकराल रुप ले लिया। वाहनों की लंबी-लंबी कतार और बबराला की भागीरथी मार्ग पर चल रहे कतार में श्रद्धालुओं के द्वारा जय गंगे मां के जयकारे माहौल को भक्तिमय कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाने के बाद धूप, दीप, आरती और मां गंगा की आराधना की। गंगा तट पर हवन पूजन करने के बाद मन्नत मांगी। श्रद्धालुओं ने पूर्वजों के नाम की भगत बजवाई। गंगा तट पर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या शाम चार बजे बजे के बाद घटने लगी। दुपहिया वाहनों के अलावा निजी बसों के माध्यम से गंगा तक पहुंचे श्रद्धालुओं को उस वक्त दिक्कत का सामना करना पड़ा जब रास्ते में बड़े वाहनों के चलते छोटे वाहन भी फंस गए और समय-समय पर छुटपुट जाम की स्थिति बनती रही।