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किसानों को 65.59 करोड़ रुपये के बकाया गन्ना मूल्य के लिए करना पड़ेगा इंतजार

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70 crore due of sugarcane payment in sambhal
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संभल। बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान के लिए राज्य सरकार ने जो समय सीमा तय की थी वह बीत गई। भुगतान शत प्रतिशत नहीं हो सका। अभी भुगतान के लिए इंतजार करना पड़ेगा। जिले में तीन चीनी मिलें हैं जिसमें एक चीनी मिल ने अपना शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। दो चीनी मिलों के पास 65.59 करोड़ रुपये फंसे हुए हैं। इसके लिए किसानों का एक-एक दिन इंतजार में बीत रहा है। इस बीच इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने किसानों के हक में एक बड़ा फैसला दिया है। इसमें राज्य सरकार को बकाया भुगतान मय ब्याज के करने के लिए एक महीने का मौका दिया गया है। इसके बाद किसानों को जल्द ही भुगतान की उम्मीद बंध गई है।
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जनपद संभल के गन्ना किसानों के 65.59 करोड़ दो चीनी मिलों ने दबा रखे हैं। बकाया मूल्य दिलाने के लिए प्रशासन ने चीनी मिलों पर दबाव बनाया है। क्योंकि बकाया के मुद्दे की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने साफ कहा है कि अफसरों को सोते रहने की अनुमति नहीं है। किसानों के बकाया गन्ना मूल्य का मय ब्याज के एक महीने में भुगतान कराने का आदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव और गन्ना आयुक्त को दिए हैं।
अब अगर देरी होती है तो न्यायालय के स्तर से अगली कार्रवाई हो सकती है। इस बीच अच्छी बात यह है कि जिला गन्ना अधिकारी बकाया का भुगतान कराने के लिए लगातार मिलों के संपर्क में है। असमोली चीनी मिल ने अपना शत प्रतिशत भुगतान करके रिकार्ड बना दिया है। जिले की कोई चीनी मिल अभी तक शत प्रतिशत भुगतान नहीं कर सकी है। असमोली स्थित डीएसएम शुगर मिल ने दो दिन पहले 22 करोड़ रुपये के भुगतान जारी करके किसानों का बकाया चुका दिया। अब रजपुरा स्थित डीएसएम शुगर मिल भुगतान करने वाली है।
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जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि रजपुरा चीनी मिल एक दो दिन में 19.91 करोड़ रुपये के कुल बकाया भुगतान कर देगी। सिर्फ मझावली स्थित वीनस शुगर मिल के भुगतान में देरी हो सकती है। क्योंकि वीनस शुगर मिल पर सबसे ज्यादा 45.65 करोड़ रुपये बकाया है। वीनस शुगर मिल प्रबंधन अभी तक भुगतान का शेड्यूल नहीं पेश कर सके हैं। मझावली शुगर मिल के बकाया का मुद्दा लखनऊ में आयोजित रिजर्वेशन की बैठक में भी उठा था। बैठक में गन्ना आयुक्त ने मझावली चीनी मिल के अध्याशी से कहा है कि वे अपने एमडी को भेजकर उनके सामने भुगतान की कार्ययोजना को प्रस्तुत करें। इससे भुगतान की उम्मीद बनेगी।
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