संभल। दिल्ली की तब्लीगी जमात में शामिल लोगों को चिह्नित करने में स्वास्थ्य विभाग की 35 टीमें और सरकारी तंत्र लगातार सक्रिय है। संभल जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 15 लोग और ऐसे सामने आए हैं जो दिल्ली की तब्लीगी जमात में एक दिन के लिए शामिल हुए थे। जमात से लौटने के बाद यह तमाम लोगों के संपर्क में आए। हालांकि जब स्वास्थ्य विभाग को इनकी जानकारी मिली तो इन्हें सरायतरीन में क्वारंटीन किया गया था लेकिन अब इन 15 में 7 लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया है।
कोरोना की जांच के लिए नाक और गले से नमूने लेकर शनिवार को अलीगढ़ मेडिकल कालेज भेजे गए हैं। अगले 48 घंटे में जांच रिपोर्ट आने की उम्मीद है। जांच के बाद पता लग सकेगा कि इन्हें कोरोना है या नहीं। जब तक जांच रिपोर्ट नहीं आती है तब तक यह सभी लोग जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में ही भर्ती रहेंगे। स्वास्थ्य विभाग ने सरायतरीन में तमिलनाडु से आए 11 लोगों को 22 मार्च से क्वारंटीन कराया था। यह सभी तमिलनाडु से 2 मार्च को चले और 5 मार्च को दिल्ली पहुंचे। इसके बाद छह मार्च को संभल आए लेकिन इनके आने की जानकारी स्वास्थ्य विभाग को 22 मार्च को मिली। किसी को कोई कोरोना लक्षण नहीं था। यातायात के साधन बंद होने के कारण एहतियाती तौर पर इन्हें 22 मार्च को ही एक ही मकान में क्वारंटीन कर दिया गया था।
जब दिल्ली की जमात में शामिल हुए कई लोग दिल्ली तथा दूसरे राज्यों में कोरोना पाजिटिव पाए गए तो इन 11 लोगों पर दोबारा स्वास्थ्य विभाग का ध्यान गया। यह लोग दिल्ली की जमात में एक दिन शामिल हुए थे। इसलिए इसमें से तीन लोगों को जांच के लिए जिला अस्पताल लाया गया। आठ लोग सरायतरीन के एक मकान में क्वारंटीन हैं। तीन लोगों की जांच होकर आएगी।
अगर कोई पाजिटिव निकलता है तो सभी 11 लोगों के नमूने लिए जाएंगे। इसके अलावा सरायतरीन के चार और व्यक्ति हैं जो तब्लीगी जमात में शामिल थे। इस तरह से कुल सात लोगों के नमूने लिए गए हैं। सभी को जिला अस्पताल लाया गया है। अब जांच रिपोर्ट आने की प्रतीक्षा है। इससे पहले तब्लीगी जमात में शामिल दो लोग सामने आए थे जिनका परीक्षण कराया गया है। दोनों के नमूने निगेटिव आए हैं।
तब्लीगी जमात में शामिल लोगों ने पहले की आनाकानी फिर बात मानी
संभल। सरायतरीन के जिन साथ लोगों को तब्लीगी जमात में शामिल होने की वजह से संभल के जिला अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। उन्हें लेने के लिए शुक्रवार को देर रात स्वास्थ्य विभाग की टीम गई थी। टीम में शामिल चिकित्साकर्मियों ने बताया कि पहले तो यह लोग सरकारी अस्पताल तक आने में आनाकानी कर रहे थे लेकिन जब उन्हें समझाया गया कि यह टेस्ट जरूरी है तो यह लोग राजी हो गए। इसमें करीब आधा घंटा एंबुलेंस खड़ी रही। बाद में सभी को एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल में लाया गया है।