सरायतरीन(संभल)। गांव रझेड़ा सलेमपुर, चाचूनागल की मढ़ैया और नूरपुर ततारपुर में बिजली गुल होने से करीब 50 नलकूप बंद हैं। किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। करीब 250 बीघा फसलें सूखने की कगार पर हैं। कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई लेकिन समाधान नहीं हुआ। इससे किसानों में रोष है। दरअसल, छह अक्तूबर को संभल जिले में बेमौसम आंधी के साथ बारिश हुई। आंधी भी आई थी। इस आंधी में हाईटेंशन लाइन के विद्युत पोल टूट गए थे, जिसे आज तक सही नहीं कराया जा सका है। किसानों का कहना है कि मजबूरन आलू की फसल की सिंचाई के लिए जनरेटर लगाया गया। इससे किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। फिर से आलू की फसल की सिंचाई करनी है लेकिन नहीं कर पा रहे हैं। यदि जल्दी ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पवांसा सब डिवीजन के परिसर में ही धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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यह बोले किसान
कोट
नलकूप बंद हैं। इस कारण उनकी बीस बीघा आलू की फसल सिंचाई का इंतजार कर रही है। सिंचाई समय से न हुई तो पैदावार पर असर पड़ेगा। जबकि पहले से आर्थिक रूप से परेशान हैं।
संजीव यादव, गांव चाचूनागल की मढ़ैया।
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करीब 70 बीघा भूमि की सिंचाई नहीं हो पा रही है। आलू की फसलों की सिंचाई के बिजली सप्लाई का इंतजार करना पड़ रहा है। समय रहते आपूर्ति नहीं मिली तो फसल के बर्बाद होने की अशंका बनी हुई है।
मंधारी यादव, गांव रझेड़ा सलेमपुर।
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12 दिन से आपूर्ति ठप्प है। इस कारण आलू की फसल की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। लापरवाही का आलम यह है कि कोई सुनने को ही तैयार नहीं है। जनरेटर लगाकर सिंचाई करने को मजबूर हैं।
अंकित यादव, गांव चाचूनागल की मढ़ैया।
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करीब 20 बीघा आलू की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। फसल बर्बाद होने की चिंता बनी हुई है। विद्युत निगम के अधिकारियों से शिकायत के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
राकेश शर्मा, गांव रझेड़ा सलेमपुर।
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एस्टीमेट बनाकर भेज दिया गया था। सब डिवीजन क्षेत्र में जहां भी समस्या है, वहां कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जिससे किसानों को बिजली सप्लाई मिल सके।
मनोज कुमार, एसडीओ देहात, सब डिवीजन पवांसा।