असमोली के परियावली गांव के दोहरे हत्याकांड में पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। पांच टीमें 48 घंटे में किसान और नौकर की हत्या का राज नहीं खोल सकी हैं। गांव में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस फिलहाल रंजिश की पृष्ठभूमि पर ही जांच कर रही है। इसी को लेकर पुलिस ने किसान और नौकर के परिजनों के बयान लिए और जांच के दायरे को बढ़ाया है। वहीं परिजनों ने शीघ्र हत्याकांड के खुलासे की मांग की है। यह भी कहा है कि निर्दोषों को नहीं फंसाया जाए।
गांव परियावली में खेत पर सो रहे किसान जगराम सिंह (55 वर्ष) और उसके नौकर राजपाल (40 वर्ष) की शुक्रवार रात को हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। किसान और नौकर के शरीर पर नुकीले हथियार से भी वार किए गए थे। घटना का पता तब चला था जब जगराम सिंह का बेटा ओमपाल चाय लेकर खेत पर पहुंचा था। एडीजी प्रेमप्रकाश और आईजी विनोद कुमार सिंह ने मौका मुआयना करके घटना का खुलासा करने के निर्देश दिए थे। हत्याकांड का खुलासा करने के लिए थाना पुलिस, क्राइम ब्रांच को लगाया गया। दूसरे दिन भी पुलिस की छानबीन जारी रही।
असमोली के थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने गांव पहुंचकर किसान के बेटे ओमपाल सिंह के फिर से बयान लिए। ओमपाल ने बताया कि नौकर राजपाल 13 अक्टूबर 2017 से उनके यहां ही रहता था। साढ़े सात हजार रुपये महीने में उसे रखा था। ओमपाल ने यह भी बताया कि जिस रात को घटना हुई। उस रात को पहली बार राजपाल पिता जगराम सिंह के साथ सोने के लिए खेत पर गया था। ओमपाल के बयानों और राजपाल के परिजनों से मिली जानकारी के आधार पर अब पुलिस कई बिंदुओं को आधार बनाते हुए जांच पड़ताल कर रही है। पर अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हत्या की वजह क्या रही?
इस बीच किसान और नौकर के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। रविवार को भी गमजदा दोनों घरों के चूल्हे ठंडे पड़े रहे। किसान और नौकर के घरों पर नाते रिश्तेदारों का आना जाना लगा रहा। तमाम लोग शोक संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। 48 घंटे बाद भी पुलिस की पांच टीमें दोहरे हत्याकांड का खुलासा करने में फेल साबित हो रही हैं। एएसपी पंकज कुमार पांडेय ने बताया किपुलिस की टीमों ने अलग-अलग प्रयास किए हैं और बहुत सारी जानकारी जुटाई हैं। इसके आधार पर पुलिस की विवेचना आगे बढ़ रही है। उम्मीद है जल्द खुलासा हो जाएगा।