चंदौसी(संभल)। महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार उन्हें विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रोत्साहित कर रही है। अपनी क्षमताओं के बल पर जल, थल आकाश में सुरक्षा प्रहरी की भूमिका निभा रही नारी शक्ति और बढ़ावा देने की गरज से सरकार ने अचल संपत्तियों के रजिस्ट्री शुल्क में छूट की सीमा दस लाख से बढ़ाकर एक करोड़ की तो महिलाओं के नाम होने वाले बैनामों की संख्या सैकड़ों से बढ़कर हजारों तक पहुंच गई। अगर चंदौसी तहसील क्षेत्र का ही आंकड़ा देखें तो पिछले वर्ष 2024 में अप्रैल से नवंबर माह तक महज 881 महिलाएं संपत्ति की मालकिन बनीं, जबकि इस वर्ष नवंबर माह तक 4318 बैनामे हुए।
स्टांप व निबंधक विभाग ने महिलाओं की भागीदारी संपत्ति में बढ़ाने के लिए एक फीसदी की स्टांप छूट दी है। स्टांप पर एक प्रतिशत की छूट पहले 10 लाख रुपये तक की संपत्ति पर थी जो सरकार ने बढ़ा कर एक करोड़ की संपत्ति तक कर दी। इससे संपत्ति दखल में भी महिलाएं मजबूत हो रही हैं। विभाग के आंकड़े बयां कर रहे है कि एक करोड़ तक की संपत्ति महिलाओं के नाम किए जाने पर एक प्रतिशत स्टांप की छूट मिलेगी।
वर्ष 2024 में जब 10 लाख रुपये की संपत्ति महिलाओं के नाम कराने के एक प्रतिशत स्टांप की छूट मिल रही थी। तब अप्रैल से नवंबर माह तक 881 महिलाओं के नाम बैनामे हुए। स्टांप में दी जा रही ये छूट वर्ष 2025 में एक करोड़ तक की संपत्ति के लिए कर दी गई। इसके बाद वर्ष 2025 में 4318 महिलाओं के नाम बैनामे हुए हैं।
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माह 2024 में हुए बैनामे 01 प्रतिशत छूट (लाख रुपये में) वर्ष 2025 में हुए बैनामे 01 प्रतिशत छूट (लाख रुपये में)
अप्रैल 105 7.37 582 35.08
मई 159 9.74 599 34.40
जून 131 7.38 573 32.48
जुलाई 147 11.28 598 33.58
अगस्त 89 9.76 472 33.76
सितंबर 70 8. 11 483 41.66
अक्टूबर 84 9.23 463 37.87
नवंबर 96 9.89 548 41.23
कुल योग 881 72.86 4318 290.06
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वर्जन:
सरकार ने जनकल्याणकारी योजना को सशक्त बनाने के लिए महिलाओं के नाम संपत्ति किए जाने पर स्टांप में एक प्रतिशत की छूट 10 लाख से बढ़ा कर एक करोड़ की है। तब से महिलाओं के नाम बैनामों में वृद्धि हुई है। महिलाओं को और भी सशक्त बनाने के लिए सरकार की ये पहल कारगर साबित हो रही है।
-मनीष कुमार सिंह, सब रजिस्ट्रार, रजिस्ट्री कार्यालय चंदौसी
वर्जन:
पहले महिलाओं को दस लाख की संपत्ति के मूल्यांकन पर 60 रुपये प्रति हजार की दर से स्टांप की छूट थी। शेष मूल्यांकन पर पुरुषों की भांति 70 रुपये प्रति हजार का स्टांप अदा करना पड़ता था। अब ये छूट दस लाख के स्थान पर एक करोड़ होने से महिलाओं के नाम बैनामों में वृद्धि हुई है।
- लोकेंद्र शर्मा, एडवोकेट, चंदौसी