जुनावई/चंदौसी। तहसीलदार गुन्नौर ने टीम के साथ गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान क्रय केंद्रों पर कई खामियां पाई गई। जबकि शासन द्वारा किसानों को देय सुविधाओं का सर्वथा अभाव पाया गया। किसानों ने बताया कि गेहूं क्रय केंद्र बिचौलियों के कब्जे में हैं। बिचौलियों के माध्यम से खरीद हो रही है।
तहसीलदार कर्म सिंह ने शनिवार को जुनावई ब्लाक क्षेत्र के बैरपुर महराजी गांव में उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ के गेहूं खरीद केंद्र का निरीक्षण किया। जिसका केंद्र प्रभारी वीरेंद्र कुमार मौके से नदारद थे।
यह भी बताया गया कि इस क्रय केंद्र पर स्थानीय किसानों का गेहूं नहीं खरीदा जा रहा है। बाहरी क्षेत्रों से गेहूं खरीद कर बिल काट दिया जाता है। साथ ही क्रय केंद्रो पर किसानों को देय सुविधाएं नहीं मिली। यहां कर कि पीने की पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं मिली, जबकि क्रय केंद्र प्रभारियों को मंडी प्रशासन द्वारा पहले ही इसके लिए धनराशि प्रदान कर दी जाती है। यहां किसानों की बजाय एक कमरे में जमा गेहूं को तोला जा रहा था।
जांच में पाया गया कि अब तक 15 किसानों ने 1482 क्विंटल गेहूं की खरीदा गया है। किसानों से 99 क्विंटल गेहूं खरीद करने के साथ रजपुरा ब्लाक क्षेत्र के शेरपुर के मुकेश 150 क्विंटल तो भिरावटी के रनजीत से 99 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है।
कुल मिलाकर केंद्र प्रभारी की साठगाठ से किसानों को क्रय केंद्र का फायदा नहीं मिल पा रहा है। जबकि शासन ने पंजीकृत किसानो का ही गेहूं खरीदने के निर्देश दिए हैं लेकिन केंद्र प्रभारियों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया है और व्यापारियों को गेहूं खरीदा जा रहा