संभल। शहर के सरथल चौकी चौराहे पर पंजाब नेशनल बैंक के सामने लगा सरकारी नलकूप 11 माह से खराब है। कोटपूर्वी उत्तरी और दक्षिणी, हल्लू सराय और बरेली सराय के लोग प्रभावित हो रहे हैं। नागरिकों की मांग और शिकायत के बाद पालिका ने कुछ वैकल्पिक इंतजाम किए पर इससे एक हजार से अधिक परिवार दिन में कई बार पानी को तरस जाते हैं। या फिर उन पड़ोसियों के घर से पानी लेना पड़ता है, जिनके घरों में सबमर्सिबल पंप लगे हुए हैं। उनका काम तो चल जाता है लेकिन अधिक परेशान वह हैं जो सिर्फ पालिका की पेयजल आपूर्ति या सरकारी हैंडपंपों के सहारे हैं। इस मामले में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने संज्ञान लेकर पेयजल आपूर्ति होली से पहल कराने का भरोसा दिया।
प्रतिनिधिमंडल में योगेंद्र कुमार गुप्ता, हिमांशु कश्यप, शोभित शास्त्री, गगन वार्ष्णेय, अभिषेक शर्मा, संजय गुप्ता पोली, जौहरी सिंह, संध्या अग्रवाल शामिल थे। इन सभी नागरिकों की समस्या को उप जिलाधिकारी के सामने प्रमुखता से उठाया। यह भी कहा कि अगर समस्या के समाधान में देरी हुई तो होली का त्योहार कैसे मनाएंगे। एसडीएम ने तत्काल नगर पालिका की जलकल व्यवस्था को देख रहे कर्मचारी से बातचीत की और उससे खराब नलकूप के संबंध में फाइल को तलब की। एसडीएम ही नगर पालिका अधिशासी अधिकारी हैं। इसलिए समस्या का समाधान भी उनके ही स्तर से होना है।
सात महीने पहले भी दिया गया था ज्ञापन
संभल। सात महीने पहले नगर पालिका परिषद में हिंदू युवा वाहिनी के महामंत्री गगन वार्ष्णेय के नेतृत्व में तत्कालीन अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन दिया था और प्रदर्शन भी किया था। तब से अब तक समाधान नहीं निकाला गया। वैकल्पिक इंतजाम तो किए गए, पालिका की पाइप लाइन से इन इलाकों को थोड़ी थोड़ी देर पानी देने का इंतजाम भी हुआ। कुछ दिन टैंकर भी मोहल्लों में भेजा गया लेकिन यह सभी नागरिकों की पानी की जरूरत पूरा नहीं कर सके।
पालिका की पाइप लाइन का ही था सहारा
मेरा घर रामलीला मैदान से सौ मीटर की दूरी पर है। पालिका की पाइपलाइन का ही सहारा था लेकिन 11 महीने में कभी कभार ही थोड़ी बहुत आपूर्ति मिली है। आमतौर पर पड़ोसियों के घर का सबमर्सिबल पंप चलने का इंतजार करते हैं। अन्यथा की स्थिति में रामलीला मैदान में लगे हैंडपंप का पानी लेते हैं। इससे पूरा परिवार परेशान है।
मनीष माथुर।
होली सिर पर है बिना पेयजल आपूर्ति के कैसे चलाएं काम
मेरा घर कल्कि मंदिर के करीब है। पिछले 11 महीने से मैं पड़ोसियों के सबमर्सिबल पंप के चलने पर दिन में एक बार पानी ले लेता हूं, यदि सबमर्सिबल पंप नहीं चलता है तो पड़ोस में लगे सरकारी हैंडपंप से पानी लेने जाना पड़ता है जो घर से दूर है। अब होली सिर पर है, पालिका से पानी की बेहतर आपूर्ति कब मिलेगी।
दीपांशु मदान।