संभल। पड़ोसी जनपदों में 50 गांवों को शामिल करने के मुद्दे पर 18 जनवरी को शासन में बैठक होगी। पहले यह बैठक 9 जनवरी के लिए प्रस्तावित थी लेकिन अचानक बैठक स्थगित करके अगली तिथि तय की गई। बैठक के बारे में अपर जिलाधिकारी को शासन ने अवगत करा दिया है। बैठक में जिलाधिकारी संभल और मुरादाबाद मंडल के आयुक्त को बुलाया गया है। बैठक के लिए जरूरी प्रस्ताव पहले ही भेजे जा चुके हैं।
मुरादाबाद जिले की संभल और चंदौसी तथा बदायूं जिले की गुन्नौर तहसील को शामिल कर तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने 28 सितंबर 2011 को भीमनगर के नाम से नए जिले का गठन किया था। जिसे बाद में सपा सरकार ने संभल कर दिया था। जिले का गठन होते ही संभल तहसील के असमोली ब्लाक की मढ़न और गुमसानी न्याय पंचायत के 27 गांवों के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया था। मढ़न और गुमसानी न्याय पंचायत के गांवों के लोग मुरादाबाद में बने रहना चाहते थे। जबकि नेकपुर पंचायत के 23 गांव के लोग अमरोहा में शमिल होने की मांग करने लगे। इसी क्रम में ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर आंदोलित हो गए। आंदोलनकारियों ने विधानसभा चुनाव के समय यह मुददा प्रमुखता से उठाया था। अपने मुद्दे की पैरवी शासन स्तर तक की। शासन ने इस पर जिला प्रशासन से आख्या मांगी। आख्या के साथ प्रस्ताव भेजा गया है। इस प्रस्ताव पर 18 जनवरी को निर्णय होने के आसार हैं। अपर जिलाधिकारी लवकुश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 18 जनवरी की बैठक के लिए उन्हें फोन पर सूचना मिल गई है। बैठक राजस्व परिषद ने बुलाई है।