गुन्नौर/चंदौसी। गुन्नौर कोतवाली पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा कर उसके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी भागने में सफल रहा। इनके पास से 13 चोरी की बाइक बरामद की गई है। जो यूपी व आसपास के राज्यों से चोरी की गई है।
यह गिरोह शादी समारोह, मॉल, अस्पताल व अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बाइक चोरी को अंजाम देता है। इनके पास से एक देशी रायफल, दो तमंचे व छह कारतूस भी मिले हैं।
पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि गुन्नौर कोतवाली प्रभारी प्रवीन सोलंकी को कई दिनों से यह जानकारी मिल रही थी कि क्षेत्र में एक बड़ा वाहन चोर गिरोह सक्रिय हैं, जिसने गुन्नौर कोतवाली क्षेत्र को ही शरण स्थली बना रखा है। जिसे पकड़ने के लिए एक टीम गठित की गई। मंगलवार की देर शाम वाहन चेकिंग के दौरान गांव ढडवारा तिराहे पर दो मोटर साइकिल पर तीन युवक आते मिले।
पुलिस को सामने देखते ही उन्होंने वापस लौटने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया इसमें गिरीश पुत्र राजपाल निवासी गांव झुकैरा थाना गुन्नौर, उभन सिंह पुत्र राजाराम और गौरव उर्फ गौरी पुत्र राम सिंह निवासी लहरा नगला श्याम शामिल थे। तलाशी लेने पर दो तमंचे व छह कारतूस मिल गए तो पुलिस का शक गहरा गया। तीनों को कोतवाली लाकर पूछताछ की गई।
जो दो बाइक पर तीनों के पास मिली, उनकी नंबर प्लेट फर्जी निकली। दोनों बाइक चोरी की पाई गई। इसके बाद तीनों से कड़ाई से पूछताछ की गई तो उनकी निशानदेही पर महावा नदी की झाड़ियों में 11 और मोटर साइकिलें बरामद हो गई।
तीनों ने बताया कि वह इन बाइकों का सौदा करने जा रहे थे। वहां पर एक देशी रायफल भी मिली है। यह सभी बाइक दिल्ली, हरियाणा, नोयडा, अमरोहा व बदायूं जनपद से चोरी की गई है।
आरोपियों ने बताया कि वह शादी समारोह, मॉल, अस्पताल, बस स्टैंड आदि भीड़भाड़ वाले इलाकों में नजर रखते थे। उनके गिराह में चौथा व्यक्ति नहरा नगला श्याम गांव का महेश पुत्र भूरे भी शामिल है। चारों मिलकर बाइक सवार पर नजर रखते थे कि वह बाइक को खड़ा करके कहां और कितनी दूरी पर गया है। उसके बाद लॉक तोड़कर व मास्टर चाभी से ल़ॉक खोलकर बाइक को चोरी कर लेते थे। एक स्थान पर एकत्र करके 15-20 हजार रुपये में प्रति बाइक की दर से अलग अलग ग्राहकों को बेच देते थे।