कानून व्यवस्था में सुधार की तैयारी
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असमोली के भैंसोंड़ा गांव में मदरसे का नया द्वार बनाए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया मढ़न के चौकी इंचार्ज तथा गांव के बीट कांस्टेबिलों को जिम्मेदार माना है। इन पर समय से अधिकारियों को सूचना न देने तथा ड्यूटी में लापरवाही का आरोप है। पुलिस अधीक्षक सभाराज ने चौकी इंचार्ज संजय सिंह और बीट कांस्टेबिल प्रशांत कुमार तथा अंतिम चौधरी को निलंबित किया गया है।
असमोली के भैंसोड़ा गांव में 9 अगस्त को मदरसे में नया दरवाजा लगवाने का मामला प्रकाश में आया था। हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध किया लेकिन चौकी इंचार्ज ने इस विवाद की कोई जानकारी सीओ, एएसपी व अन्य उच्चाधिकारियों को नहीं दी। पुलिस अधीक्षक सभाराज यादव ने दरोगा संजय सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वहीं, भैंसोड़ा में गुरुवार को मदरसे के गेट को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद शुक्रवार को दिन भर गांव में चौकसी रही। पुलिस बल तैनात रहा। उधर, बनियाठेर थाना क्षेत्र के जनेटा गांव में धर्मस्थल के निर्माण के मामले में पुलिस ने कार्य रुकवाकर मौके पर पीएसी तैनात कर दी थी। तीसरे दिन भी स्थिति ज्यों की त्यों ही रही।
अलग-अलग मामलों में पांच पुलिसकर्मी और हुए निलंबित
चंदौसी/बहजोई। गुन्नौर थाने के मुख्य आरक्षी चंद्रपाल सिंह समेत पांच पुलिसकर्मियों को अलग-अलग मामलों में निलंबित किया गया है। इसमें एक मामला बबराला में शिकायतकर्ता के साथ अभद्रता का है। इसमें आरक्षी विनोद कुमार को भी निलंबित किया गया है।
पीआरओ ने बताया कि इसके अलावा पुलिस लाइन में लाइन मुख्य आरक्षी अनिल कुमार को गैरहाजिर होने के आरोप में निलंबित किया गया है। इसके अलावा कांस्टेबल वेदपाल व विभू चौधरी को भी निलंबित किया गया है। यह दोनों क्रमश:बिजनौर व अमरोहा से स्थानांतरित होकर संभल जिले में आए थे लेकिन तब से अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर चल रहे हैं।