लगभग अभी तक 1000 से अधिक खाताधाकरों को नोटिस भेजा जा चुका है। पवांसा स्टेट बैंक के 26 जनधन खातों में 2.50 लाख से अधिक रुपये जमा करने पर उन्हें ब्लॉक कर दिए गए है। यह लोग अग्रिम आदेश तक अपने खातों से लेनदेन नहीं कर सकते।
नोट बंदी के बाद से जन धन योजना के तहत खुले खातों में भी धन वर्षा हो रही है। साथ ही जिन खातों में कभी रुपये जमा नहीं होते थे। उनमें भी अब लाखों रुपये जमा हो रहे हैं। ऐसे में आरबीआई ने ऐसे खाते धारकों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। बैंकों से प्रत्येक दिन हर खाते की रिपोर्ट मांगी जा रही है और जिस जन धन व बचत खाते में 2.50 लाख रुपये से अधिक जमा हो रहे हैं। उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है। नोटिस का जवाब न देने पर बुधवार को स्टेट बैंक पवांसा ने 26 खातों को ब्लॉक कर दिया।
इन खातों में खाता खुलने के बाद से कोई रकम जमा नहीं की गई थी। लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद अचानक पांच लाख रुपये तक की रकम जमा हो गई है। इस संबंध में बैंक की ओर से सभी 26 खाताधारकों को आरबीआई के निर्देश पर नोटिस भेजा गया था। बुधवार तक नोटिस का जवाब न देने पर उनके खाते ब्लॉक कर दिए गए हैं। अगले आदेश तक यह अपने खाते से कोई निकासी या लेनदेन नहीं कर सकेंगे। शाखा प्रबंधक नंदकिशोर ने वताया कि आज 26 ऐसे खातों को ब्लॉक किया है। जिनमें 8 नवंबर के बाद अचानक धनराशि जमा हुई। उच्चाधिकारियों को पूरी कार्रवाई से अवगत करा दिया गया है।
संभल(ब्यूरो)। नगदी नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने बुुुधवार को सिरसी की प्रथमा बैंक शाखा के सामने संभल-मुरादाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। जाम की जानकारी पर सिरसी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। नखासा थाना के थानाध्यक्ष भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली।
प्रथमा बैंक से नहीं मिली नगदी, सिरसी में आक्रोशित लोगों ने लगाया जाम
नगदी न मिलने पर ग्राहकों का गुस्सा अब फूटना शुरू हो गया है। सिरसी स्थित प्रथमा बैंक शाखा में लंबी कतारों के बीच नगदी नहीं मिलने की आशंका के चलते लोगों के सब्र का बांध टूट गया। कतारों में खड़े ग्राहक बैंक में नगदी न होने की सूचना पर भड़क गए। बैंक प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। आक्रोशित लोगों ने संभल-मुरादाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। इससे काफी समय तक यातायात बाधित रहा। वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलने पर सिरसी चौकी पुलिस के साथ-साथ नखासा थानाध्यक्ष ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। ग्रामीणों को जल्द ही नगदी दिलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खुला।
ओबरी(संभल)। नोटबंदी अब बैंक कर्मचारियों के लिए आफत बनती जा रही है। बैंक शाखाओं में कैश नहीं है। बैंक कर्मचारी जैसे तैसे काम चला रहे हैं। लेकिन शाखाओं से रोजाना खाली हाथ लौट रहे ग्राहकों को सब्र अब जवाब दे रहा है। बुधवार को शाहबाजपुर कलां के प्रथमा बैंक के प्रबंधक कैश न मिलने के कारण शाखा पर ताला जड़कर चले गए और थाने में जाकर बैठ गए।
शाहबाजपुर कलां गांव में प्रथमा बैंक शाखा पर बुधवार की सुबह से ही लंबी लाइन लगी थी। आसपास के गांवों से लोग कैश लेने के लिए बैंक पहुंचे थे। लोगों का कहना था कि शाखा प्रबंधक ने कहा था कि बुधवार को कैश आएगा। उसी दिन सभी को दिया जाएगा। इसलिए सुबह से ही बैंक आए हैं। करीब 11 बजे भीड़ का दबाव बढ़ गया लेकिन तब तक बैंक में कैश उपलब्ध नहीं था। खाताधारकों को इसकी भनक लगती इससे पहले ही शाखा प्रबंधक बैंक को बंद कर यह कहते हुए चले गए कि अभी कैश लेकर आता हूूं।
बैंक में नहीं आया कैश, प्रबंधक ताला लगाकर गायब
ग्रामीणों का आरोप है कि प्रबंधक कैश लेकर तो नहीं आए, खुद को भीड़ से बचाने के लिए वह थाने में जाकर बैठ गए। इससे लोगों में रोष फैल गया। आक्रोशित ग्रामीण शाखा प्रबंधन और केंद्र सरकार को कोसते हुए घरों को लौट गए।
उधर, टांडा कोठी स्थित प्रथमा बैंक के शाखा प्रबंधक ने कैश उपलब्ध न होने के मामले में खाता धारकों से गाड़ी कराई और इस संबंध में एलडीएम से मिलने मुरादाबाद चलने को कहा। मढ़न पहुंचकर शाखा प्रबंधक ने एलडीएम के न मिलने की बात कहते हुए जाने से इंकार कर दिया। इस पर ग्रामीणों ने शाखा प्रबंधक को घेर लिया। जैसे तैसे कर शाखा प्रबंधक ग्रामीणों के बीच से निकलकर आए।