बैंक में लाइन लगाने के बाद भी कैश न मिलने से गुस्सा लोग अब हाईवे जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन करने लगे हैं। केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही है। रामपुर के बिलासपुर की ओबीसी की शाखा में कैश न मिलने से नाराज लोगों ने नैनीताल हाईवे पर हंगामा किया जिससे करीब डेढ़ घंटे तक जाम लगा रहा।
अमरोहा में यूनियन बैंक में लाइन लगने के बाद खत्म हुए कैश से गुस्साए लोगों ने बिजनौर रोड पर जाम लगा दिया। कैलसा में प्रथमा बैंक के उपभोक्ताओं ने भी अमरोहा-कांठ रोड पर जाम लगाया। ढबारसी में कैश न होने पर लोगों ने दोपहर एक बजे तक प्रथमा बैंक की शाखा नहीं खुलने दी। संभल। संभल में भी नगदी नहीं मिलने से आक्रोशित लोगों ने बुुुधवार को सिरसी की प्रथमा बैंक शाखा के सामने संभल-मुरादाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया।
जेब खाली है और भविष्य दांव पर है। पशु पाले नहीं है और ट्रैक्टर में डीजल डालने को करेंसी नहीं है। अपने ही खाते से बैंक रुपये नहीं निकाल पा रहे हैं। ऐसे भी खेतों में फसलों की बुआई तो जरूरी है, नहीं तो भविष्य ही चौपट हो जाएगा। लेकिन अन्नदाता हिम्मत नहीं हार रहे हैं। किसान खुद की हल में जुत रहे हैं। पटेले पर बच्चों को बैठाकर काम चलाया जा रहा है। कई खेतों में यह नजारा आम है।
सहकारी समितियां पुराने नोट पर खाद नहीं दे रहीं, नए नोट बैंक नहीं दे रहे हैं। खाली जेब किसान आखिर क्या करें। लेकिन फिर भी फसलों की बुआई तो करनी ही है, ऐसे में किसी तरह बीज की व्यवस्था कर ली और रासायनिक खाद के स्थान पर गोबर आदि की कंपोस्ट खाद डालकर काम चलाया जा रहा है।
इन दिनों यह नजारा आम है कि खेतों में लोग गोबर की खाद डाल रहे हैं। दूसरी ओर बनियाखेड़ा गांव में किसान शमीम ने खेत तैयार कराकर गेहूं बो दिए लेकिन उन पर पटेला लगाने के लिए ट्रैक्टर वाले को बुलाया, तो उसने डीजल के लिए नई करेंसी मांगी। नई करेंसी नहीं थी तो शमीम घर गया और अपने परिवार के दो तीन लोगों को बुलाकर लाया और बैलों के स्थान पर खुद ही जुट गया और पटेला में रस्सी बांधकर खींचने लगा। क्योंकि पटेला नहीं लगने पर बोया गया गेहूं चिड़ियां खा सकती थी। कुछ ऐसे ही फार्मूले किसान आमतौर पर आजमाने लगे हैं।