संभल के गांव सौंधन में प्राइवेट अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत के बाद मौके पर मौजूद पु
बहजोई(संभल)। निजी अस्पताल में प्रसव के बाद नवजात ने दम तोड़ दिया। इसके करीब 26 घंटे बाद गांव बढेरिया निवासी प्रसूता मिथलेश (35) की भी मौत हो गई। वहीं घटना के बाद अस्पताल कर्मी मौके से भाग गए गुस्साए परिजनों ने पुलिस को घटना की तहरीर दी है।
मृतक महिला के जेठ रमेश ने बताया कि 21 अगस्त को उसके छोटे भाई कालीचरण की पत्नी मिथलेश को प्रसव पीड़ा हुई तो मिथलेश को सरकारी अस्पताल में ले गए सरकारी अस्पताल से मना करने के बाद मिथलेश को इस्लाम मगर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां दो दिन बाद 23 अगस्त को दोपहर तीन बजे मिथलेश ने बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि गलत उपचार के कारण कुछ देर बाद नवजात ने दम तोड़ दिया।
जेठ ने बताया कि इसके बाद मिथलेश की हालत बिगड़ने लगी और करीब 26 घंटे बाद 24 अगस्त को दोपहर बाद चार बजे मिथलेश ने भी दम तोड़ दिया। उसने बताया कि अस्पताल के स्टाफ की और से किए गए गलत उपचार के कारण जच्चा-बच्चा की मौत हुई है।
उसने बताया कि अस्पताल कर्मियों ने मिथलेश के प्रसव के लिए तीन बार में तीन लाख रुपये लिए। घटना की तहरीर कोतवाली पुलिस को दी गई है। वहीं, महिला की मौत से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल रहा। प्रभारी इंस्पेक्टर हरीश कुमार ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
रेफर के बहाने महिला के शव को गांव ले गया अस्पताल कर्मी
मृतक के जेठ रमेश ने बताया कि रेफर कर बड़े अस्पताल में ले जाने के बहाने अस्पताल करने एंबुलेंस में डालकर मिथलेश के शव को गांव बढेरिया ले गए। वहां गांव वालों के इकट्ठा होने के बाद अस्पताल कर्मी मौके से भाग गया। बाद में गांव पहुंची पुलिस मिथलेश के शव को साथ लाई और पोस्टमार्टम को भेजा।