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राजघाट गंगा में डूब कर छात्र की मौत

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बबराला/गुन्नौर। अपने कॉलेज के सहपाठियों के साथ गंगा में स्नान कर रहा एक छात्र गहरे स्थान पर जाने से डूब गया जिससे उसके साथियों में हड़कंप मच गया। करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौत से सहमे साथियों को शिक्षकों ने बस में बैठकर घर भेज दिया। सूचना के बाद मृतक छात्र के परिजन गंगा घाट पहुंचे।
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बहजोई थाना क्षेत्र के गांव सिंहपुर का प्रदीप राघव (17 वर्ष) पुत्र उदय पाल सिंह कस्बा बहजोई के कृष्णमुरारी मनोरमा सरस्वती विद्या मंदिर कॉलेज में कक्षा 11 में पढ़ता था। 19 सितंबर को कॉलेज के छात्र-छात्राओं की 11 सदस्यीय एक टीम बुलंदशहर जनपद के कस्बा जहांगीराबाद स्थित एक स्कूल में आयोजित विज्ञान मेला प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने गई थी जिसमें प्रदीप राघव भी साथ में गया था। कॉलेज के शिक्षक विकास शर्मा और शिक्षिका शिखा सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने प्रतियोगिता में भाग लिया और बुधवार की वहां रात रुकने के बाद गुरुवार को घर लौट रहे थे। करीब 3 बजे जैसे ही उनकी बस बबराला पहुंची तो गंगा में स्नान के लिए राजघाट की ओर चले गए। जहां छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी स्नान करने लगे। तभी छात्र प्रदीप राघव गहरे स्थान पर जाने से डूब गया जिससे मौके पर साथियों ने हड़कंप मच गया और पुलिस को सूचना दी गई। गोताखोरों को तलाशा गया। करीब आधे घंटे के बाद गोताखोरों ने छात्रों को खोजना शुरू किया और करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद छात्र को बाहर निकाला लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। छात्र की मां शशिवाला ने बताया कि उनका बेटा घर से एक प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए आया था। हम भेज नहीं रहे थे फिर भी स्कूल की जिम्मेदारी पर भेजा गया था।

छात्र को बचाने के लिए मर गई घोताखोरों की संवेदना
बबराला। राजघाट गंगा तट पर स्नान करने के दौरान गंगा में डूबे छात्र को बचाने के लिए उसके साथ ही छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने नाविकों और गोताखोरों से बचाव और मदद के लिए गुहार लगाई। छात्र की मां शशि बाला का आरोप है कि छात्र के सहपाठियों ने जब गोताखोरों से उसे बचाने की अपील की तो उन्होंने पहले रुपये देने की बात कही और जब तक रुपये नहीं मिले तब तक वह उसे ढूंढने के लिए गंगा में नहीं घुसे। इसकी वजह से देरी हुई और बेटे की मौत हो गई। अब सवाल यह उठता है कि गंगा तट पर डूबे लोगों को निकालने में हमेशा की तरह मदद करने वाले गोताखोरों की क्या संवेदनाएं मर गई थीं जो छात्र को बचाने के लिए पहले रुपये की मांग करने लगे।
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बुधवार को हमारे कॉलेज से 11 बच्चों की एक टीम जहांगीराबाद स्थित एक कॉलेज में विज्ञान मेला प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने गई थी जिसमें 3 छात्राएं भी शामिल थीं जिनका निर्देशन हमारे कॉलेज के एक शिक्षक और शिक्षिका कर रहे थे। वापस लौटते वक्त गंगा स्नान के लिए गए जहां हादसा हो गया।- प्रवेंद्र कुमार, प्रधानाचार्य।
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